नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और Gen Z की आवाज दबाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट हटाए जा रहे हैं और एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री से जुड़े कथित आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड कंटेंट के मामले में Meta India के प्रमुख और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
राहुल गांधी का X पर हमला
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को पुलिस कार्रवाई और एफआईआर के जरिए दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने दावा किया कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य के लिए खड़ा है और लोकतंत्र में उसकी आवाज का सम्मान होना चाहिए।
FIR को लेकर बढ़ा विवाद
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में Meta India के प्रमुख तथा कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर असहमति की आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल आधार है और राजनीतिक आलोचना को आपराधिक मामलों में बदलना उचित नहीं है।
सरकार और जांच एजेंसियों का पक्ष
जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित रूप से फर्जी, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार से जुड़े आरोपों के आधार पर की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
सोशल मीडिया की भूमिका पर फिर बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जवाबदेही, डिजिटल कंटेंट के नियमन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।