नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में जांच तेज हो गई है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने Meta India के प्रमुख सहित कई सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई जंतर मंतर पर हुए CJP (Cockroach Janta Party) प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित विवादित पोस्ट और वीडियो के संबंध में की गई है।
आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर दर्ज हुई FIR
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए कथित रूप से भ्रामक, मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Meta India प्रमुख भी जांच के दायरे में
मामले में Meta India के प्रमुख को भी नामजद किया गया है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका और कथित विवादित सामग्री के प्रसार की जिम्मेदारी की जांच के लिए उठाया गया है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर रही है और संबंधित प्लेटफॉर्म से आवश्यक जानकारी भी मांगी गई है।
कई सोशल मीडिया अकाउंट की जांच
पुलिस ने उन सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी पहचान शुरू कर दी है, जिनसे कथित आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो साझा किए गए थे। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि सामग्री सबसे पहले किस अकाउंट से प्रसारित हुई और उसके प्रसार में किन लोगों की भूमिका रही।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम डिजिटल जिम्मेदारी
इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक पक्ष इसे फर्जी और भ्रामक सामग्री पर कार्रवाई बता रहा है, जबकि विपक्षी दल इसे असहमति की आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आवश्यक जानकारी और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।