नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं। यदि उनका दौरा होता है, तो यह जून 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। हालांकि, चीन की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
12 और 13 सितंबर को होगा BRICS शिखर सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत सरकार ने सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रण भेज दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, शी जिनपिंग के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।
गलवान के बाद पहली संभावित भारत यात्रा
यदि शी जिनपिंग नई दिल्ली आते हैं, तो यह अक्टूबर 2019 में महाबलीपुरम (मामल्लपुरम) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई अनौपचारिक शिखर वार्ता के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। इसके कुछ महीनों बाद पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था।
हाल के वर्षों में बढ़ा है संवाद
पिछले कुछ समय में भारत और चीन के बीच उच्चस्तरीय संवाद फिर शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात BRICS और SCO जैसे बहुपक्षीय मंचों पर हुई है। दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में भी बातचीत जारी रखी है।
कई वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
इस बार BRICS सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” रखा गया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन उनकी यात्रा की अंतिम पुष्टि अभी चीन सरकार की ओर से नहीं की गई है। यदि यह दौरा होता है, तो इसे भारत-चीन संबंधों और क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाएगा।