साधु वेश में संसद पहुंचे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दान पात्र में डाले पैसे, राम मंदिर दान विवाद पर विपक्ष का अनोखा प्रदर्शन

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राम मंदिर दान राशि के कथित गबन के मुद्दे पर विपक्ष ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद परिसर पहुंचे और अपने साथ एक दान पात्र भी लेकर आए। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतीकात्मक रूप से दान पात्र में पैसे डालकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विपक्ष ने इस प्रदर्शन के जरिए राम मंदिर में दान राशि के कथित दुरुपयोग के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

साधु वेश में पहुंचे पप्पू यादव

पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र धारण कर और हाथ में दान पात्र लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनका कहना था कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने भी दिया समर्थन

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने दान पात्र में पैसे डालकर विपक्ष के विरोध को समर्थन दिया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान राशि से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संसद परिसर में बना चर्चा का विषय

पप्पू यादव का यह विरोध प्रदर्शन संसद परिसर में आकर्षण का केंद्र बना रहा। साधु वेश और दान पात्र के साथ किया गया यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन मीडिया और अन्य सांसदों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया। इससे पहले भी पप्पू यादव कई मुद्दों पर अलग अंदाज में विरोध दर्ज कराते रहे हैं।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि राम मंदिर दान विवाद केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पूरी जांच प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।

सियासत हुई तेज

राम मंदिर दान विवाद को लेकर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की जवाबदेही से जोड़कर उठा रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि संबंधित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद में और तीखी बहस होने की संभावना है।

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