संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्ष की बड़ी रणनीति, सोनिया गांधी के घर हुई बैठक, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ साझा रणनीति तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर वरिष्ठ विपक्षी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें आगामी सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष ने संसद में सरकार को विभिन्न राष्ट्रीय और आर्थिक मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ रहेगा प्रमुख मुद्दा
बैठक में प्रस्तावित ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने इस प्रस्ताव का विरोध जारी रखने पर सहमति जताई और इसे संसद में प्रमुखता से उठाने का फैसला किया।
विपक्ष का कहना है कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों से परामर्श जरूरी है। सरकार के संभावित विधायी कदमों पर भी विपक्ष की नजर बनी हुई है।
इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी
बैठक में विपक्षी नेताओं ने कई अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। इनमें महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े विषय, आर्थिक स्थिति, शिक्षा और संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष चाहता है कि मानसून सत्र के दौरान इन विषयों पर विस्तृत चर्चा कराई जाए और सरकार से जवाब मांगा जाए।
सत्र के दौरान संयुक्त रणनीति
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दल समन्वय के साथ काम करेंगे। विभिन्न मुद्दों पर साझा रुख अपनाने और सदन के भीतर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
विपक्षी नेताओं ने संसद में मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए नियमित समन्वय बनाए रखने का भी निर्णय लिया।
20 जुलाई से शुरू होगा मानसून सत्र
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले केंद्र सरकार ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों से विधायी कार्य और सदन के संचालन को लेकर चर्चा की जाएगी।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत प्रस्ताव पेश कर सकती है। दूसरी ओर विपक्ष ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह विभिन्न राजनीतिक, आर्थिक और संवैधानिक मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
ऐसे में संसद का आगामी मानसून सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। विशेष रूप से ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
