उत्तराखंड में मौसम फिर लेगा करवट, 9 जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार; जानें देहरादून का हाल
देहरादून। उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के नौ जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। वहीं, ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। मौसम में बदलाव के बीच राजधानी देहरादून में आसमान साफ रहने से लेकर आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
नौ जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा, प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी होने के आसार हैं। हालांकि, अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
देहरादून में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी देहरादून में दिन के दौरान आसमान साफ रहने या आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शाम के समय कुछ इलाकों में गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया। देहरादून के लिए मौसम विभाग ने कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की है।
हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से बदला नजारा
चमोली जिले के प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में बीते दिनों रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी हुई। बर्फबारी के चलते गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और आसपास की ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं। कपाट बंद होने से ठीक पहले हुई बर्फबारी ने क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ा दी। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं को बर्फ से ढकी चोटियों का मनमोहक दृश्य देखने को मिला। दूसरी ओर, बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में ठंड का असर भी बढ़ गया।
मौसम को देखते हुए सतर्कता जरूरी
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा करने वाले पर्यटक और श्रद्धालु निकलने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें। बारिश, आकाशीय बिजली और बर्फबारी की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।
