थलीसैंण में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का प्रशिक्षण, स्वरोजगार पर विशेष फोकस

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विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन–2026 में गांवों को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने की रणनीति पर हुई चर्चा

थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल, 9 अक्टूबर। गांवों में विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से विकासखंड परिसर, थलीसैंण में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन–2026 के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड के सौजन्य से रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण आजीविका, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और सरकारी योजनाओं के लाभ को आमजन तक पहुंचाने के संबंध में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि तथा थलीसैंण की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरिता देवी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को गांवों की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक बागवानी और स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मंडुवा, झंगोरा जैसे स्थानीय अनाजों के उत्पादन एवं विपणन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और जड़ी-बूटियों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी फसलों की खेती तथा स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के विषय भी प्रशिक्षण का हिस्सा रहे।

पंचायत प्रतिनिधियों को बताया गया कि गांवों में उपलब्ध प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आजीविका के स्थायी साधन विकसित किए जा सकते हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर भी स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों और युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया गया।

प्रशिक्षण के दौरान ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने, ग्राम सभा की सहभागिता बढ़ाने तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना और REAP–ग्रामोत्थान परियोजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उपायों की जानकारी दी गई।

सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन की चुनौती को कम करने के लिए गांवों में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को प्रभावी बनाकर विकास योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने और महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया।

रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास की योजनाओं के प्रति पंचायत प्रतिनिधियों की समझ बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर आजीविका संवर्धन को गति देने की पहल के रूप में आयोजित किया गया।

आयोजक: रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी
सौजन्य: पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड
स्थान: विकासखंड परिसर, थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल
दिनांक: 9 अक्टूबर 2026

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