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मंडुवा-झंगोरा को बाजार में दिलाएंगे नई पहचान, मयकोटी में महिलाओं और विद्यार्थियों को सिखाए प्रसंस्करण के तरीके

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रुद्रप्रयाग, 23 अक्टूबर। उत्तराखंड के पारंपरिक मोटे अनाजों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी बाजार में पहुंच बढ़ाने की दिशा में मयकोटी में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। छह दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन राजकीय इंटर कॉलेज जवाहर नगर, मयकोटी में छात्र-छात्राओं और महिला समूहों को मोटे अनाजों के पोषण महत्व, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी, उत्तराखंड और उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में मंडुवा और झंगोरा जैसे स्थानीय अनाजों को बेहतर उत्पाद के रूप में तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन की जानकारी देकर स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने की संभावनाओं से अवगत कराया जा रहा है।

पारंपरिक अनाजों में रोजगार की संभावनाएं

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि मोटे अनाज उत्तराखंड की कृषि परंपरा और स्थानीय खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें पोषण संबंधी विशेषताएं होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका बढ़ाने की भी पर्याप्त संभावनाएं हैं। उचित प्रसंस्करण और बाजार की मांग के अनुसार उत्पाद तैयार कर किसान, महिला समूह और युवा अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं

कौशल प्रशिक्षण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ. सचि नेगी ने कहा कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक अनाजों को आधुनिक तकनीक और बेहतर पैकेजिंग के साथ बाजार में उतारने से उनकी मांग बढ़ाने के अवसर मिलेंगे। इससे महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार अपनाने तथा छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना जरूरी है। उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, उनकी पहचान विकसित करने और विपणन के नए रास्ते तलाशने में प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने की पहल

कार्यशाला में विद्यार्थियों और महिला समूहों की भागीदारी के जरिए पारंपरिक कृषि उत्पादों के संरक्षण और उनके व्यावसायिक उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य केदारनाथ हिमालय क्षेत्र के मोटे अनाजों को नई पहचान दिलाना और स्थानीय लोगों को रोजगार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसरों से जोड़ना है। रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी और यूकॉस्ट की संयुक्त पहल को क्षेत्र की कृषि विरासत के संरक्षण, महिला एवं युवा सशक्तीकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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