उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का मामला, दो परीक्षाएं रद्द; छात्रों का प्रदर्शन, जांच के आदेश
देहरादून। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक को लेकर जारी बहस के बीच अब उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) भी विवादों में आ गया है। विश्वविद्यालय ने पेपर लीक की आशंका के चलते दो विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। मामले के सामने आने के बाद छात्रों में भारी नाराजगी है और एनएसयूआई (NSUI) ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दो परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द
विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद दो विषयों की परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लिया। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता से समझौता होने की आशंका के कारण छात्रों के हित में यह कदम उठाया गया है। रद्द की गई परीक्षाओं की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
पेपर लीक के आरोपों से मचा हड़कंप
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कुछ लोगों तक पहुंच गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NSUI का प्रदर्शन, कुलपति से कार्रवाई की मांग
पेपर लीक के विरोध में NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की।
छात्रों में बढ़ी चिंता
परीक्षाएं रद्द होने से हजारों छात्रों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें दोबारा परीक्षा देनी पड़ेगी। उनका आग्रह है कि जांच शीघ्र पूरी कर नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाए ताकि शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
देशभर में पेपर लीक पर बढ़ रही सख्ती
हाल के महीनों में विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें परीक्षा सुरक्षा को मजबूत करने, डिजिटल निगरानी बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कर रही हैं। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का यह मामला भी परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को फिर से रेखांकित करता है।
