‘गौमाता को मिले राष्ट्रमाता का दर्जा’ : लखनऊ में सपा का बड़ा अभियान, पूजा शुक्ला के नेतृत्व में होगा कार्यक्रम
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग जोर पकड़ रही है। समाजवादी पार्टी (सपा) राजधानी लखनऊ में इस मुद्दे पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। पार्टी की नेता पूजा शुक्ला के नेतृत्व में होने वाले इस आयोजन में गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग उठाई जाएगी और इसे लेकर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
कांशीराम स्थल पर होगा कार्यक्रम
समाजवादी पार्टी के अनुसार यह कार्यक्रम लखनऊ के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं होगा, बल्कि इसके माध्यम से प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने की शुरुआत की जाएगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद है।
पूजा शुक्ला लंबे समय से उठा रही हैं यह मांग
सपा नेत्री पूजा शुक्ला पहले भी गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग उठा चुकी हैं। पार्टी का कहना है कि अब इस अभियान को व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा, ताकि इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो सके।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कार्यक्रम से पहले समाजवादी पार्टी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन आयोजन में बाधाएं उत्पन्न करने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार गौशालाओं की स्थिति सुधारने और गौ संरक्षण के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है। सपा नेताओं का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे केवल घोषणाओं के बजाय ठोस नीतिगत कदम उठाने चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज होने के आसार
गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग पहले भी समय-समय पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई जाती रही है। अब समाजवादी पार्टी के इस अभियान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर नई बहस शुरू होने के संकेत हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम आने वाले समय में प्रदेश की राजनीतिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बन सकता है।
अभियान को मिलेगा विस्तार
सपा नेताओं के अनुसार यह अभियान केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि गौ संरक्षण और राष्ट्रमाता की मांग को लेकर जनसमर्थन बढ़ाया जा सके।
