‘हमें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मिर्च स्प्रे किया और पत्थर भी मारे’— जंतर-मंतर हिंसा पर दिल्ली पुलिस का दावा, कई जवान घायल
नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद अब दिल्ली पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने अपनी आपबीती सामने रखी है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उन पर मिर्च स्प्रे किया, पत्थर फेंके और धक्का-मुक्की की, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं प्रदर्शनकारी पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग और लाठीचार्ज का आरोप लगा रहे हैं।
पुलिसकर्मियों ने सुनाई आपबीती
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन को नियंत्रित करने के दौरान कई जवानों को चोटें आईं। कुछ पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्हें प्रदर्शनकारियों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मिर्च स्प्रे किया और पत्थर भी फेंके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हालात बिगड़ने के बाद भी उन्होंने संयम बरतने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप- पुलिस ने किया बल प्रयोग
दूसरी ओर, छात्र संगठनों और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उनका कहना है कि वे केवल परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
NEET विवाद से जुड़ा है आंदोलन
जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन NEET-UG 2026 में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। हाल के दिनों में यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
पुलिस कर रही है जांच
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि हिंसा और झड़प से जुड़े सभी वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की हिंसा में संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।
दोनों पक्षों के दावों पर टिकी नजर
जंतर-मंतर की घटना के बाद अब पूरे मामले की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर सबकी नजर है। एक ओर पुलिस अपने जवानों पर हुए हमले का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर छात्र संगठन पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में जांच के निष्कर्ष इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
