नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी मामले को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शन के दौरान सपा सांसदों ने सरकार से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
मकर द्वार पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी
सपा सांसद हाथों में तख्तियां लेकर संसद पहुंचे और मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े दान में कथित अनियमितताओं के आरोप बेहद गंभीर हैं और सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
राम मंदिर दान मामले पर सरकार से सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यदि सरकार मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती तो वह अन्य व्यवस्थाओं पर जवाबदेही कैसे तय करेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।
पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया
प्रदर्शन के दौरान सपा ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों को भी उठाया। अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं का भविष्य लगातार खतरे में पड़ रहा है और सरकार केवल कानून बनाने तक सीमित नहीं रह सकती। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई।
संसद में जारी रहा हंगामा
सपा के प्रदर्शन के बीच संसद के भीतर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने राम मंदिर दान मामले और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार ने कहा कि सभी मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
सियासी तापमान और बढ़ा
राम मंदिर दान मामले को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में प्रमुख विषय बन सकता है। संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।