भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों की मांगों पर विचार करने और उनसे संवाद स्थापित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के रचनात्मक सुझावों का स्वागत करती है और बातचीत के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान निकाला जाएगा।
किसानों से संवाद के लिए बनाई गई समिति
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और वरिष्ठ अधिकारियों की टीम किसानों से लगातार बातचीत कर रही है। इससे पहले भी सरकार के प्रतिनिधियों को किसानों के बीच भेजा गया था और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
आंदोलन के बीच सरकार की अपील
मुख्यमंत्री ने किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। सरकार संवाद के जरिए सभी पक्षों के हित में समाधान निकालने के पक्ष में है।
मूंग खरीदी को लेकर आंदोलन तेज
प्रदेश में किसान मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में किसान भोपाल पहुंचे हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास किया। प्रशासन ने उन्हें शहर की सीमा पर रोक दिया, जिसके बाद किसानों ने सड़क पर ही डेरा डालकर अपना विरोध जारी रखा।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि गेहूं और मूंग की सरकारी खरीदी को लेकर सरकार की नीतियों से किसान परेशान हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार केवल आश्वासन दे रही है।
बातचीत से समाधान की उम्मीद
सरकार और किसानों के बीच वार्ता का दौर जारी है। अब सभी की नजर समिति की रिपोर्ट और आगामी बातचीत पर टिकी है। यदि सहमति बनती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना है, जबकि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में किसान आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दे चुके हैं।