मथुरा की ऐतिहासिक जामा मस्जिद के गुंबद का हिस्सा गिरा, नमाज के दौरान टला बड़ा हादसा
मथुरा। मथुरा के चौक बाजार स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मस्जिद के गुंबद का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। घटना शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। गुंबद का हिस्सा गिरने के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
घटना के समय मस्जिद के अंदर नमाज अदा की जा रही थी। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
तेज आवाज सुनकर दुकानों से बाहर निकले लोग
प्रत्यक्षदर्शी सचिन अग्रवाल के अनुसार, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। शुरुआत में आसपास मौजूद लोगों को किसी विस्फोट की आशंका हुई, लेकिन बाहर निकलकर देखने पर पता चला कि मस्जिद के गुंबद का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया है।
आसपास के दुकानदार भी तेज आवाज सुनकर अपनी दुकानों से बाहर निकल आए। स्थानीय दुकानदार के अनुसार, गुंबद से टूटा मलबा मस्जिद की ऊपरी छत पर गिरा और सड़क तक नहीं पहुंचा।
सड़क पर गिरता मलबा तो हो सकता था बड़ा हादसा
घटना के समय चौक बाजार में लोगों की आवाजाही जारी थी। मस्जिद के आसपास कई दुकानें हैं और बड़ी संख्या में लोग इस क्षेत्र से गुजरते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गुंबद का मलबा सीधे सड़क पर गिरता तो राहगीर और दुकानदार इसकी चपेट में आ सकते थे। मलबा मस्जिद की छत पर गिरने के कारण बड़ा हादसा टल गया।
नमाज के दौरान हुआ हादसा
घटना के समय मस्जिद के अंदर लोग नमाज अदा कर रहे थे। गुंबद का हिस्सा गिरने की तेज आवाज के बाद मस्जिद और आसपास के क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हालांकि, किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है।
बारिश से गुंबद कमजोर होने की आशंका
प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लगातार बारिश और नमी के कारण गुंबद का प्लास्टर तथा बाहरी हिस्सा कमजोर हो गया होगा।
हालांकि, गुंबद का हिस्सा गिरने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित विभाग की जांच के बाद ही घटना के सही कारणों की जानकारी सामने आएगी।
ऐतिहासिक इमारत की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
जामा मस्जिद के गुंबद का हिस्सा गिरने के बाद ऐतिहासिक और पुरानी इमारतों के रखरखाव तथा सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित प्रशासन और जिम्मेदार विभागों से मस्जिद की संरचनात्मक स्थिति की जांच कराने और कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना को रोका जा सके।
