नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के “संसद मार्च” के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP), समाजवादी पार्टी (SP) और भीम आर्मी के खिलाफ संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन संगठनों के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को उकसाकर हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई। मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सौंपी गई है।
हिंसा भड़काने के आरोप
दिल्ली पुलिस का दावा है कि 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शन में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की। जांच के दौरान जुटाए गए वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोप लगाया है कि हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, सरकारी कर्मचारी पर हमला और ड्यूटी में बाधा पहुंचाने जैसी गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट और दिल्ली पुलिस एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
नेताओं को भेजे जा सकते हैं नोटिस
सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही संबंधित राजनीतिक दलों के कुछ नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि हिंसा की योजना किस स्तर पर बनाई गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
अब तक 21 FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस के अनुसार, संसद मार्च से जुड़ी हिंसा के मामले में अब तक 21 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और वीडियो फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग तथा डिजिटल साक्ष्यों की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है।