E20 पेट्रोल को लेकर फैली अफवाहों पर सरकार ने दी सफाई, जानिए 8 बड़े सवालों के जवाब
नई दिल्ली। देशभर में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें और दावे सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि E20 ईंधन को लेकर फैलाए जा रहे कई दावे भ्रामक हैं। सरकार के अनुसार, व्यापक परीक्षण और विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद ही E20 पेट्रोल को लागू किया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल से सभी वाहनों के इंजन खराब होने या वाहन की वारंटी स्वतः समाप्त होने जैसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, वाहन निर्माताओं, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और अन्य संस्थानों ने इस ईंधन पर विस्तृत परीक्षण किए हैं।
क्या E20 से इंजन खराब होता है?
सरकार का कहना है कि अब तक उपलब्ध परीक्षणों में E20 के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, पुराने वाहनों में वाहन निर्माता की सलाह का पालन करना उचित रहेगा। ऑटोमोबाइल कंपनियों का भी कहना है कि व्यापक सर्विस रिकॉर्ड में E20 से इंजन क्षति के ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं।
क्या माइलेज कम होता है?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि E20 के उपयोग से कुछ वाहनों में माइलेज में मामूली कमी आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कमी सामान्य परिस्थितियों में लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत तक हो सकती है, जबकि इसका स्तर वाहन और ड्राइविंग परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।
सरकार E20 को क्यों बढ़ावा दे रही है?
सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और किसानों की आय बढ़ाना है। इथेनॉल मिश्रण से जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलता है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होती है।
क्या पुराने वाहनों के लिए अलग ईंधन मिलेगा?
फिलहाल सरकार की नीति E20 मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने की है। भविष्य में इससे अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने से पहले विस्तृत अध्ययन और सभी हितधारकों से परामर्श किया जाएगा।
लोगों की चिंताओं पर सरकार की प्रतिक्रिया
हाल के दिनों में E20 को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे वायरल हुए हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि आलोचना का स्वागत है, लेकिन अफवाहों के आधार पर भ्रम फैलाना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से केवल प्रमाणित और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, वाहन मालिकों को अपने वाहन निर्माता द्वारा जारी ईंधन संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और किसी भी शंका की स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर से सलाह लेनी चाहिए।
