आठ साल बाद मिली झारखंड के पहले सीएम को उसकी लापता बहन, किसी की मां लौटी तो किसी की बेटी

54b3666018104c169a446a152affbee8_342_660

झारखंड के पहले मुख्‍यमंत्री बाबूलाल मरांडी के लिए यह खुशियां न समेट पाने वाला पल था। आठ साल से लापता बहन का पता मिल गया था। पता ही नहीं मिला वह वापस आ गई। इतने सालों के बाद तो घर वाले उसके जिंदा होने की उम्‍मीद भी छोड़ चुके थे। सबसे खुशी की बात तो यह रही कि जब वह लापता हुई थी मानसिक रूप से बीमार थी। अब वह पूरी तरह ठीक है। बाबूलाल मरांडी की मां अभी जीवित हैं। बेटी के वापस लौटने की खबर से उन्‍हें लगा कि जीवन की तमाम खुशियां लौट आई हैं।

2012 की बात है बाबूलाल मरांडी की छोटी बहन मैसूनी रांची से अचानक लापता हो गई थी। उस समय वह मानसिक रूप से बीमार थी और रांची में ही उसका इलाज चल रहा था। उसी समय यह घटना घटी। तब बाबूलाल झारखंड विकास मोर्चा के अध्‍यक्ष थे। मैसूनी को ढूंढने की तमाम कोशिशें परिवार वालों ने की मगर कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

राजस्‍थान के भरतपुर के रहने वाले बीएम भारद्वाज भरतपुर के बझेरा में ‘अपना घर’ नामक आश्रम चलाते हैं। एक सप्‍ताह पहले बाबूलाल जी को उनका फोन आया कि उनकी बहन 2018 से उनके यहां रह रही है। उस समय वह मानसिक रूप से बीमार थी मगर अब पूरी तरह ठीक है और खुद को पूर्व मुख्‍यमंत्री बाबूलाल मरांडी की बहन बता रही है। खबर मिली तो खुशी से मैसूनी की मां रो पड़ी और बाबूलाल के भी आंख छलक आये। तत्‍काल बाबूलाल ने फोन से अपनी छोटी बहन से बात की। और तत्‍काल अपने छोटे भाई नुनू और मैसूनी के बेट सुलेमान को अपना घर आश्रम भेजा। रविवार को देर रात मैसूनी अपने परिजनों के साथ रांची लौटी।

ये समाचार भी पढ़ें :