भारत की अनोखी झील, जहां पानी पर तैरते हैं द्वीप, यहीं मौजूद है दुनिया का इकलौता फ्लोटिंग नेशनल पार्क
इंफाल। भारत में कई ऐसी प्राकृतिक जगहें मौजूद हैं, जो अपनी अनोखी भौगोलिक संरचना और जैव विविधता के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में शामिल है मणिपुर की लोकटक झील। यह झील पानी पर तैरने वाले प्राकृतिक द्वीपों के लिए जानी जाती है। इन तैरते भूखंडों को स्थानीय भाषा में फुमदी कहा जाता है।
लोकटक झील की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां मौजूद फुमदी मौसम, पानी के स्तर और जल प्रवाह के अनुसार अपनी स्थिति बदलती रहती हैं। इसी झील पर दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क स्थित है।
क्या हैं फुमदी?
लोकटक झील में तैरते द्वीपों को फुमदी कहा जाता है। ये मिट्टी, घास, जलीय वनस्पतियों और अन्य जैविक पदार्थों से मिलकर बने प्राकृतिक भूखंड होते हैं।
फुमदी झील की सतह पर तैरती रहती हैं। पानी के स्तर और मौसम में बदलाव के साथ इनकी स्थिति भी बदलती रहती है। कुछ फुमदी आकार में इतनी बड़ी और मजबूत हैं कि स्थानीय लोग उन पर अस्थायी आवास बनाकर रहते हैं और मछली पकड़ने का काम करते हैं।
दुनिया का इकलौता फ्लोटिंग नेशनल पार्क
लोकटक झील के दक्षिणी हिस्से में केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क स्थित है। करीब 40 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह राष्ट्रीय उद्यान मुख्य रूप से फुमदी पर स्थित है।
इसी कारण इसे दुनिया का एकमात्र फ्लोटिंग नेशनल पार्क कहा जाता है। यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी विशिष्ट पारिस्थितिकी, प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।
दुर्लभ संगाई हिरण का प्राकृतिक आवास
केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क मणिपुर के राज्य पशु संगाई हिरण का प्रमुख प्राकृतिक आवास है। संगाई को ब्रो-एंटलर्ड डियर और डांसिंग डियर के नाम से भी जाना जाता है।
फुमदी की मुलायम सतह पर चलते समय संगाई हिरण की चाल अलग दिखाई देती है। इसी कारण इसे डांसिंग डियर कहा जाता है।
एक समय संगाई हिरण को विलुप्त मान लिया गया था। बाद में केइबुल लामजाओ क्षेत्र में इसकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। इसके बाद संगाई हिरण और उसके प्राकृतिक आवास के संरक्षण के प्रयास तेज किए गए।
स्थानीय लोगों की आजीविका का बड़ा स्रोत
लोकटक झील का महत्व पर्यटन और पर्यावरण तक सीमित नहीं है। हजारों स्थानीय परिवार अपनी आजीविका के लिए इस झील पर निर्भर हैं।
मछली पालन और मछली पकड़ना स्थानीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है। झील के पानी का उपयोग सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत उत्पादन में भी किया जाता है। इसी कारण लोकटक झील को मणिपुर की जीवनरेखा कहा जाता है।
पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र
तैरते द्वीप, विशाल जल क्षेत्र, हरियाली, नौका विहार और दुर्लभ वन्यजीव लोकटक झील को प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं।
झील के आसपास स्थित ऊंचे स्थानों से फुमदी और विशाल जल क्षेत्र का दृश्य देखा जा सकता है। प्रकृति, वन्यजीव और फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले पर्यटकों के बीच यह क्षेत्र खासा लोकप्रिय है।
पर्यावरण संरक्षण बड़ी चुनौती
लोकटक झील और यहां मौजूद फुमदी की पारिस्थितिकी काफी संवेदनशील है। जल स्तर में बदलाव, प्रदूषण, मानवीय गतिविधियां और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव झील के पर्यावरण के लिए चुनौती बने हुए हैं।
संगाई हिरण का अस्तित्व भी केइबुल लामजाओ नेशनल पार्क की फुमदी और प्राकृतिक पारिस्थितिकी पर निर्भर है। ऐसे में लोकटक झील और इसके आसपास के पर्यावरण का संरक्षण मणिपुर की प्राकृतिक विरासत और दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
