अब चुनाव चिन्ह को लेकर खींचतान का खेल ! शिंदे गुट चुनाव आयोग में ठोक सकता है दावा
महाराष्ट्र में कल मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले से उद्धव ठाकरे की विदाई के बाद अब शिवसेना के अंदर चुनाव चिन्ह को लेकर खींचतान चल रही है। शिवसेना का चुनाव चिन्ह धनुष-बाण है। इसे लेकर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के बीच राजनीतिक रणनीति बनाने का खेल शुरू हो गया है। उद्धव ठाकरे आज शिवसेना के नेताओं से मातोश्री में मिलने का प्लान बना रहे हैं। इन नेताओं में कुछ कानूनी विशेषज्ञों के भी होने की बात कही जा रही है।
हम हैं असली शिवसेना-शिंदे गुट
एकनाथ शिंदे गुट का दावा है कि असली शिवसेना उन्हीं की है क्योंकि नम्बर्स उनके पास ज्यादा है। शिंदे का दावा है कि उनके पास 37 से ज्यादा शिवसेना के विधायक हैं जबकि उद्धव के पास सिर्फ 18 विधायक हैं।उधर, एकनाथ शिंदे ने रायगढ़ के शिवसेना विधायक भरत गोगवाले को मुख्य सचेतक नियुक्त किया है, जबकि शिवसेना ने दिंडोशी के विधायक सुनील प्रभु को मुख्य सचेतक बनाया है। वहीं शिवसेना ने अजय चौधरी को शिवसेना विधायक दल का नेता बनाया है। इससे पहले एकनाथ शिंदे शिवसेना विधायक दल के नेता थे।
चुनाव चिन्ह धनुष- बाण पर दावा ठोक सकता है शिंदे गुट
यानी आज की परिस्थिति में बागी गुट के पास भी मुख्य सचेतक है और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में पास भी मुख्य सचेतक का पद है।अब ऐसे में एकनाथ शिंदे का गुट चुनाव आयोग और अदालत में जाकर शिवसेना के चुनाव चिन्ह धनुष- बाण पर अपना दावा ठोक सकते हैं। इससे ये साफ है कि आने वाले दिनों में शिवसेना किसकी होगी इसको लेकर घमासान मचने वाला है। यह घमासान कानूनी तौर पर भी और सड़क पर भी होगा।
देर रात आधिकारिक बंगले को खाली मातोश्री में शिफ्ट हुए ठाकरे
आपको बता दें कि शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे की अगुवाई में विधायकों की बगावत के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल देर रात आपने आधिकारिक आवास वर्षा को खाली कर दिया और ब्रांद्रा स्थित अपने निजी आवास मातोश्री चले गए। इससे पहले बुधवार शाम उन्होंने फेसबुक लाइव में यह कहा था कि एक भी विधायक अगर सामने आकर उनसे कह दे कि मैं सीएम पद छोड़ दूं तो मैं सहजता से इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि वे सत्ता के लोभी नहीं हैं। उधर, गुवाहाटी में डेरा डाले एकनाथ शिंदे के समर्थन में विधायकों की संख्या बढ़ती जा रही है।
