दिल्ली में सियासी हलचल के बीच नेहा बोरा रिहा, CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी से बढ़ा विवाद
12 घंटे तक चला विरोध-प्रदर्शन, आज SEM कोर्ट में पेश किए जाएंगे अभिजीत दीपके; संगठन ने आंदोलन जारी रखने की कही बात
नई दिल्ली। दिल्ली में तिरंगा मार्च और विरोध-प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के बीच नेहा बोरा की रिहाई हो गई है, जबकि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। नेहा की हिरासत के विरोध में करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। वहीं, दीपके को आज सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।
विरोध-प्रदर्शन के बाद नेहा बोरा की रिहाई
नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके समर्थकों और विभिन्न संगठनों ने विरोध जताया। संगठन का दावा है कि लगातार प्रदर्शन और जनदबाव के बाद पुलिस ने उन्हें रिहा किया। रिहाई के बाद संगठन ने इस दौरान समर्थन देने वाले लोगों और मीडिया संस्थानों का आभार व्यक्त किया। संगठन ने कहा कि नेहा बोरा की रिहाई के बावजूद उनकी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को वापस लेने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही गई है।
अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की जानकारी
नेहा बोरा की रिहाई के बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। संगठन की लीगल हेड रतना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दीपके को SEM अदालत में पेश किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी तत्काल सामने नहीं आई। उनके वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाने की बात भी कही गई है। उनकी पेशी और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।
SIR के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान
संगठन ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया वापस लेने की मांग पर आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता को कमजोर करने का आरोप भी लगाया है। संगठन का कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। हालांकि, केंद्र सरकार पर लगाए गए ये आरोप संगठन के दावे हैं।
तिरंगा मार्च के घटनाक्रम पर टिकी नजर
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च को लेकर चल रहे विवाद के बीच नेहा बोरा की हिरासत और अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी से मामला और चर्चा में आ गया है। संगठन ने नेहा की रिहाई को जनदबाव का परिणाम बताया है। वहीं, दीपके की गिरफ्तारी के बाद उनकी स्थिति और कानूनी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अब अभिजीत दीपके की SEM अदालत में पेशी और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।
