रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी, शहीद आंदोलनकारियों के मामलों पर फिर उठे सवाल
देहरादून: उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों के प्रति शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की मूर्तियों की स्थापना की दो साल पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की थी, इसके बाद भी मूर्तियां नहीं लगीं। हालांकि शासन की ओर से इसका आदेश जारी किया गया, इसमें सभी शहीदों की मूर्तियां लगाने के बजाय केवल चार की मूर्तियों को ही स्थापित किए जाने की बात कही गई है। इस आदेश के सामने आने के बाद राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिवारों में गहरी नाराजगी है।
दो अक्तूबर 2024 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहे में बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए सभी की मूर्तियां स्थापित करने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा के बाद शासन ने संस्कृति निदेशालय को रामपुर तिराहे पर चार शहीदों की मूर्तियां शहीद स्थल पर स्थापित करने का आदेश किया है। सात में से यह चार कौन हैं, आदेश में इसका भी जिक्र नहीं है।
मैं खुद रामपुर तिराहा गोलीकांड का गवाह हूं, मेरे सामने निहत्थे राज्य आंदोलनकारियों पर पुलिस ने गोलियां बरसाई थी, शहीदों की मूर्तियां स्थापित करने के आदेश में विसंगति है तो इसका परीक्षण कर यहां शहीद हुए सभी आंदोलनकारियों की मूर्तियों को सीएम की घोषणा के अनुरूप लगाना चाहिए। आज ही इस पूरे प्रकरण को मुख्यमंत्री धामी के संज्ञान में लाया जाएगा। – रविंद्र जुगरान, राज्य आंदोलनकारी
रामपुर तिराहा गोलीकांड में सात राज्य आंदोलनकारी शहीद हुए थे, तो सभी सात की मूर्तियां लगाई जाएंगी। शासनादेश में गलती से सात का चार हो गया होगा, इसे दिखवाया जाएगा कि ऐसा कैसे हुआ। मूर्तियां स्थापित करने में समय लगता है, इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया है। – युगल किशोर पंत, सचिव संस्कृति
