रेलवे ने चुकाया ₹1.93 लाख करोड़ का कर्ज, क्या अब सस्ता होगा ट्रेन का सफर? संसद में रेल मंत्री ने बताई पूरी तस्वीर

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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे की वित्तीय स्थिति को लेकर संसद में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि रेलवे ने पिछले पांच वर्षों में करीब ₹1.93 लाख करोड़ का कर्ज चुकाया है। इसमें कर्ज की मूल राशि के साथ ब्याज का भुगतान भी शामिल है। रेलवे ने इस अवधि में नया कर्ज लेने से भी परहेज किया है।

टिकट किराए में राहत के संकेत

रेलवे के कर्ज में बड़ी कमी के बाद यात्रियों को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे की आगे होने वाली कमाई का इस्तेमाल विकास कार्यों के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने में किया जा सकता है। हालांकि, रेल मंत्री ने टिकट किराया घटाने की कोई सीधी घोषणा नहीं की है।

₹93 हजार करोड़ सिर्फ ब्याज में चुकाए

अश्विनी वैष्णव के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 से अब तक रेलवे ने करीब ₹93 हजार करोड़ केवल ब्याज के रूप में चुकाए हैं। इसके अलावा करीब ₹1 लाख करोड़ की मूल कर्ज राशि भी चुकाई गई है। कोरोना महामारी के दौरान रेलवे को केंद्रीय वित्त मंत्रालय से करीब ₹79 हजार करोड़ का कर्ज लेना पड़ा था, जिसे अब चुका दिया गया है।

रेलवे के विकास पर बढ़ा खर्च

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे को मिले बजट का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में किया गया। नई ट्रेनों की शुरुआत, रेलवे सुविधाओं का विस्तार, स्टेशनों के विकास और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने पर भी खर्च किया गया। इससे रेलवे की सेवाओं और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

माल ढुलाई में भी बढ़ोतरी

रेलवे के अनुसार, जुलाई 2026 में करीब 14.1 करोड़ टन माल की ढुलाई दर्ज हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है। माल ढुलाई से रेलवे की आय मजबूत होने की उम्मीद है।

यात्रियों की नजर किराए पर

रेलवे की वित्तीय स्थिति मजबूत होने के बाद अब यात्रियों की नजर टिकट किराए पर है। फिलहाल किराया घटाने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए इसे राहत का संकेत माना जा सकता है, लेकिन किराए में वास्तविक कमी की पुष्टि रेलवे के अगले फैसले के बाद ही होगी।

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