खड़े होकर या बैठकर, पेशाब करने का सही तरीका क्या है? यूरोलॉजिस्ट ने बताए सेहत से जुड़े अहम तथ्य

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नई दिल्ली। पुरुषों के बीच लंबे समय से यह सवाल चर्चा का विषय रहा है कि पेशाब खड़े होकर करना बेहतर है या बैठकर। इस विषय पर फोर्टिस अस्पताल के एक यूरोलॉजिस्ट ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि सामान्य परिस्थितियों में दोनों तरीके सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में बैठकर पेशाब करना अधिक लाभकारी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीका व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और मूत्र संबंधी समस्याओं पर निर्भर करता है।

स्वस्थ व्यक्ति के लिए दोनों तरीके सामान्य

यूरोलॉजिस्ट के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है और उसे पेशाब करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं है, तो खड़े होकर या बैठकर, दोनों तरीकों से पेशाब करना सामान्य माना जाता है। किसी भी स्थिति को सार्वभौमिक रूप से बेहतर नहीं कहा जा सकता।

प्रोस्टेट की समस्या में बैठना हो सकता है फायदेमंद

विशेषज्ञों का कहना है कि जिन पुरुषों को बढ़े हुए प्रोस्टेट (Benign Prostatic Hyperplasia) या पेशाब पूरी तरह न निकलने की समस्या है, उनके लिए बैठकर पेशाब करना अधिक लाभदायक हो सकता है। इस स्थिति में मूत्राशय अपेक्षाकृत बेहतर तरीके से खाली हो सकता है और पेशाब करने में कम दबाव लगता है। इस विषय पर प्रकाशित कुछ शोधों में भी ऐसे निष्कर्ष सामने आए हैं।

स्वच्छता का भी रखें ध्यान

डॉक्टरों का कहना है कि सार्वजनिक या घरेलू शौचालय में पेशाब करते समय स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है। खड़े होकर पेशाब करने पर छींटे फैलने की संभावना अधिक रहती है, जबकि बैठकर ऐसा अपेक्षाकृत कम होता है। हालांकि स्वास्थ्य की दृष्टि से दोनों तरीकों में कोई बड़ा अंतर नहीं माना जाता, यदि व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि पेशाब करते समय जलन, दर्द, बार-बार पेशाब आने की समस्या, कमजोर धार, मूत्र रुकना या पेशाब में खून दिखाई दे, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञ ऐसे लक्षणों पर तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह प्रोस्टेट, संक्रमण या अन्य मूत्र संबंधी रोगों का संकेत हो सकता है।

जीवनशैली भी रखती है अहम भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक पेशाब न रोकना, संतुलित आहार लेना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना मूत्र संबंधी समस्याओं से बचाव में मदद करता है। पेशाब करने की मुद्रा से अधिक महत्वपूर्ण पूरे मूत्र तंत्र का स्वस्थ रहना है।

नोट: यह जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। यदि आपको पेशाब से जुड़ी कोई लगातार समस्या है, तो स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना उचित है।

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