ममता बनर्जी गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से झटका, TMC के बैंक खातों पर रोक बरकरार; ED जांच पर मांगा जवाब

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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मामले में ममता बनर्जी गुट को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए मामले की सुनवाई जारी रखने का फैसला किया है। कोर्ट ने ईडी से जांच और बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज और विस्तृत जानकारी भी मांगी है।

₹440 करोड़ वाले खातों की जांच जारी

यह मामला टीएमसी के उन बैंक खातों से जुड़ा है, जिनमें लगभग ₹440 करोड़ जमा होने की बात सामने आई थी। ईडी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत इन खातों को फ्रीज किया था। एजेंसी का दावा है कि प्रारंभिक जांच में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।

हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ईडी और संबंधित पक्षों से पूरे मामले का रिकॉर्ड, जांच की प्रगति और बैंक खातों पर की गई कार्रवाई का आधार प्रस्तुत करने को कहा। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले के सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।

TMC ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

ममता बनर्जी गुट ने अदालत में दलील दी कि बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से पार्टी के दैनिक प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए इसे अनुचित बताया और खातों के संचालन की अनुमति देने की मांग की।

ED ने कोर्ट में रखा अपना पक्ष

ईडी ने अदालत को बताया कि बैंक खातों को फ्रीज करने की कार्रवाई चल रही जांच का हिस्सा है और यह कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर की गई है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने तक खातों पर लगी रोक आवश्यक है ताकि साक्ष्यों से कोई छेड़छाड़ न हो सके।

अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

मामले की अगली सुनवाई में हाईकोर्ट ईडी द्वारा दाखिल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की समीक्षा करेगा। इस मामले को पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसका सीधा संबंध राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टी की वित्तीय गतिविधियों और केंद्रीय एजेंसी की जांच से जुड़ा है। फिलहाल बैंक खातों पर ईडी की रोक बरकरार रहेगी और अदालत के अंतिम फैसले पर सभी की नजर बनी हुई है।

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