देशभर में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, रेल, सड़क और हवाई सेवाओं पर बड़ा असर
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, झारखंड और राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं बाढ़ और फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी है तो कहीं भूस्खलन और जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खराब मौसम का असर रेल, सड़क और हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है।
महाराष्ट्र में बारिश से 13 लोगों की मौत
महाराष्ट्र में भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। पुणे जिले में बारिश से जुड़े तीन अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों में राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
मावल तहसील में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया, जिसमें दो लोगों की मौत हुई। वहीं, खेड़ तहसील में तेज बहाव में बहने से एक व्यक्ति की जान चली गई।
मुंबई में रेड अलर्ट, सड़कें जलमग्न
मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर की रफ्तार धीमी कर दी है। कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हुआ है। पेड़ और होर्डिंग गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
रेल सेवाओं पर पड़ा बड़ा असर
भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग के भोर घाट सेक्शन में ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं। करजत-खोपोली लोकल सेवा भी रेलवे ट्रैक के नीचे की मिट्टी बहने के कारण बाधित रही।
पश्चिम रेलवे की 40 से अधिक ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट या शॉर्ट टर्मिनेट करना पड़ा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा कर सेवाओं को जल्द बहाल करने के निर्देश दिए।
खराब मौसम से उड़ानें प्रभावित
मुंबई में भारी बारिश और खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। मुंबई आने वाली पांच उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।
यात्रियों को एयरलाइंस से संपर्क कर अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने दी वर्क फ्रॉम होम की सलाह
लगातार बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने निजी कार्यालयों को कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी है।
गैर-जरूरी सरकारी और अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से कई जिलों में नुकसान हुआ है। चंबा जिले में चट्टान गिरने से 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई।
चंबा-तीसा मार्ग पर फ्लैश फ्लड के कारण यातायात बाधित हुआ। कुल्लू जिले के लारजी-सैंज मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जम्मू-कश्मीर में फ्लैश फ्लड, हाईवे प्रभावित
जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी। इससे डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर मलबा जमा हो गया।
किश्तवाड़ में निर्माणाधीन क्वार जलविद्युत परियोजना परिसर में मशीनें और वाहन मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
ओडिशा में भारी बारिश से स्कूल-कॉलेज बंद
ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से लगातार भारी बारिश जारी है। राज्य के कई हिस्सों में 200 मिलीमीटर से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
जलभराव, सड़कों और पुलों को नुकसान तथा पेड़ गिरने की घटनाओं के बाद कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
झारखंड और राजस्थान में भी मानसून सक्रिय
झारखंड के सभी 24 जिलों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश दर्ज की गई है। सीकर जिले के श्रीमाधोपुर में 75 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
दिल्ली में बारिश का इंतजार, उमस से लोग परेशान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को बारिश नहीं हुई। अधिक नमी और बढ़े तापमान के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।
अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में महसूस होने वाला तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया।
अगले 48 घंटे अहम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश जारी रहने की आशंका है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।
