चलो संसद’ मार्च से पहले दिल्ली हाई अलर्ट पर, जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा; प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर और संसद मार्ग सहित कई संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति प्रस्तावित मार्च को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, जिसके दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की भी खबर सामने आई।

जंतर-मंतर पर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी

सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर एकत्र होने लगे। आंदोलन से जुड़े लोगों ने संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया था, जबकि दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे, जिसके चलते कई जगहों पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग

स्थिति को देखते हुए संसद भवन, जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कई मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े।

सोनम वांगचुक अस्पताल से भी आंदोलन के समर्थन में

भूख हड़ताल पर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्हें हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया गया था, ने संदेश जारी कर कहा कि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन मिलने तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील भी की।

पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने संभाला मोर्चा

वांगचुक की अनुपस्थिति में उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो जंतर-मंतर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाना है तथा सभी से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील की।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव

कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण मार्च निकालने से रोका गया।

पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर

‘चलो संसद’ मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और आम नागरिकों की नजर बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि राजधानी में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है, जबकि आंदोलनकारी अपनी मांगों पर सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग कर रहे हैं।

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