ATM Cash Shortage: दिल्ली-UP और हरियाणा में ATM कैश संकट का खतरा, कर्मचारियों की हड़ताल से नकदी आपूर्ति प्रभावित
नई दिल्ली। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत देश के कुछ राज्यों में ATM से नकदी निकालने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ATM में कैश भरने का काम करने वाले कर्मचारियों की हड़ताल के कारण नकदी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
कैश मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़े कर्मचारी वेतन संशोधन की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। इसका असर बैंकों के उन ATM पर पड़ सकता है, जिनमें नकदी भरने और उससे जुड़ी सेवाओं की जिम्मेदारी निजी कैश मैनेजमेंट कंपनियों के पास है।
दिल्ली, UP और हरियाणा में हड़ताल का असर
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में ATM कैश लोडिंग कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है।
इसके अलावा कर्नाटक समेत दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी ATM सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
अगर हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो कई ATM में नकदी खत्म हो सकती है।
CMS और Hitachi से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल
ATM में कैश भरने वाले कर्मचारी CMS Info Systems और Hitachi Payment Services जैसी कैश मैनेजमेंट कंपनियों से जुड़े हैं।
इन कंपनियों के कर्मचारी बैंकों और ATM के बीच नकदी पहुंचाने, ATM में कैश भरने और संबंधित सेवाओं की जिम्मेदारी संभालते हैं।
कर्मचारियों की हड़ताल से कैश सप्लाई का नियमित चक्र प्रभावित होने की आशंका है।
वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारी
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन संशोधन से जुड़ी है।
कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और काम से जुड़ी जिम्मेदारियों के अनुसार उनके वेतन में संशोधन किया जाना चाहिए।
वेतन को लेकर कर्मचारियों और कैश मैनेजमेंट कंपनियों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण हड़ताल की स्थिति पैदा हुई है।
ATM में कैसे पैदा हो सकती है कैश की कमी?
देश में कई बैंक अपने ATM में नकदी भरने का काम निजी कैश मैनेजमेंट कंपनियों को देते हैं।
इन कंपनियों के कर्मचारी बैंक से नकदी लेकर सुरक्षित वाहनों के जरिए ATM तक पहुंचाते हैं और मशीनों में कैश भरते हैं।
हड़ताल के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित होने पर जिन ATM में उपलब्ध नकदी खत्म हो जाएगी, वहां दोबारा कैश नहीं भरा जा सकेगा।
सरकारी बैंकों पर ज्यादा असर की आशंका
रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के ATM नेटवर्क पर हड़ताल का अधिक असर पड़ सकता है।
सरकारी बैंकों का ATM नेटवर्क बड़ा है और कई स्थानों पर कैश लोडिंग के लिए निजी कंपनियों की सेवाएं ली जाती हैं।
अगर कैश सप्लाई बाधित रहती है तो बड़ी संख्या में ATM अस्थायी रूप से कैशलेस हो सकते हैं।
देश में करीब 2.5 लाख ATM
देशभर में बैंकों और व्हाइट लेबल ATM को मिलाकर करीब 2.5 लाख ATM मौजूद हैं।
इन मशीनों में नियमित रूप से नकदी भरने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी और कैश मैनेजमेंट कंपनियां काम करती हैं।
ATM कैश सप्लाई व्यवस्था में लंबे समय तक रुकावट आने पर आम ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बढ़ती लागत से दबाव में ATM उद्योग
ATM उद्योग से जुड़े संगठनों ने बढ़ती परिचालन लागत को लेकर पहले भी चिंता जताई है।
ईंधन की बढ़ती कीमत, कर्मचारियों की वेतन लागत और अन्य खर्चों के कारण कैश मैनेजमेंट कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।
ATM उद्योग से जुड़े संगठन CATMi ने बैंकों से इस समस्या का समाधान निकालने के लिए बातचीत करने की अपील की थी।
परिचालन लागत में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान
ATM उद्योग के अनुसार, नई वेतन व्यवस्था और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण परिचालन लागत में करीब 20 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है।
उद्योग का कहना है कि मौजूदा अनुबंधों और बढ़ती लागत के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा है।
इसी कारण बैंकों और कैश मैनेजमेंट कंपनियों के बीच लागत और भुगतान को लेकर तनाव बढ़ा है।
डिजिटल पेमेंट के दौर में ATM ट्रांजैक्शन घटे
देश में UPI और डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल का असर ATM से नकदी निकासी पर भी पड़ा है।
उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 में ATM से मासिक नकदी निकासी लेनदेन की संख्या करीब 57 करोड़ थी।
जनवरी 2025 तक यह संख्या घटकर करीब 48.43 करोड़ रह गई। दो वर्षों में ATM नकदी निकासी लेनदेन में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
आम लोगों को क्या करना चाहिए?
ATM कर्मचारियों की हड़ताल के बीच लोगों को जरूरत के अनुसार नकदी की व्यवस्था पहले से रखने की सलाह दी जा रही है।
अगर किसी ATM में नकदी उपलब्ध नहीं है तो दूसरे बैंक के ATM, बैंक शाखा या डिजिटल भुगतान सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
हालांकि, अभी पूरे देश में ATM सेवाएं बंद होने जैसी स्थिति नहीं है। हड़ताल का असर मुख्य रूप से उन राज्यों और ATM पर पड़ने की आशंका है, जहां कैश मैनेजमेंट कर्मचारियों ने काम बंद किया है।
हड़ताल लंबी चली तो बढ़ सकती है परेशानी
फिलहाल ATM कैश सप्लाई व्यवस्था पर हड़ताल के वास्तविक असर और कर्मचारियों तथा कंपनियों के बीच बातचीत के नतीजों पर नजर बनी हुई है।
अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं होती है तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य प्रभावित राज्यों में ATM में नकदी की उपलब्धता पर असर बढ़ सकता है।
आने वाले दिनों में बैंकों, कैश मैनेजमेंट कंपनियों और कर्मचारियों के बीच बातचीत से इस समस्या के समाधान की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
