नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित समिति से कराई जाए, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
अमित शाह पर भी साधा निशाना
लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है।
जितेंद्र सिंह का जवाब
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष तथ्यों के बिना गंभीर आरोप लगा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों पर किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं गोली चलाने जैसी स्थिति होती है, तो उसका आदेश किसी मंत्री नहीं, बल्कि संबंधित कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत दिया जाता है।
संसद में हुई तीखी नोकझोंक
राहुल गांधी और जितेंद्र सिंह के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया, जबकि विपक्ष ने छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर सरकार से जवाबदेही की मांग दोहराई। इस दौरान सदन में कई बार हंगामे की स्थिति भी बनी।
पेपर लीक और छात्र आंदोलन बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
NEET-UG पेपर लीक और उसके बाद हुए छात्र आंदोलन का मुद्दा मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच प्रमुख राजनीतिक विवाद बन गया है। सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और एंटी पेपर लीक कानून को बड़ा कदम बता रही है, जबकि विपक्ष का कहना है कि कानून के साथ दोषियों की जवाबदेही और निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।