10वीं-12वीं के छात्रों को टैबलेट के लिए मिलेगी आर्थिक मदद, खाते में आएगा पैसा
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रदेशभर से चयनित 140 छात्र-छात्राओं से संवाद किया. इस दौरान सीएम ने विद्यार्थियों के विचारों, सुझावों और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनके विजन को जाना. उन्होंने कहा कि युवाओं से प्राप्त उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को राज्य सरकार की योजनाओं और नीति-निर्धारण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान घोषणा किया कि राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए उनके खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन में तमाम उप-विषयों में बेहतर विचार रखने करने वाले विद्यार्थियों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया.
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री –
सीएम धामी ने कहा कि,
सरकार और युवाओं के बीच संवाद लगातार बना रहना चाहिए. कार्यक्रम के दौरान शासन के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ किए गए संवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन और युवाओं के बीच इस प्रकार का वैचारिक मंथन नई सोच और बेहतर नीति-निर्माण में सहायक होगा. युवाओं से कहा कि आज की युवा पीढ़ी तकनीक, नवाचार और नई सोच के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है. पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने साल 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में आज की युवा पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें सही अवसर, सही दिशा और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराने की है. बदलते समय में युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, डिजिटल एवं आधुनिक मांग आधारित कौशल से जोड़ना आवश्यक है. सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें उद्यमिता और स्वरोजगार के जरिए रोजगार सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित करना है. पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अधिक अवसर सृजित करने के लिए औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है.
