भूख हड़ताल के 20वें दिन सोनम वांगचुक से मिले पवन खेड़ा, केंद्र सरकार पर साधा निशाना; बोले- सरकार बेहद असंवेदनशील

0
155114933

नई दिल्ली।जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुक्रवार को 20वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और पार्टी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रदर्शनकारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए इसे “बेहद असंवेदनशील” रवैया बताया।

पवन खेड़ा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। उन्होंने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें और कहा कि “अपनी जान जोखिम में डालने से समाधान नहीं निकलेगा।” साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में पवन खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों की आवाज सुनने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण आंदोलन लंबा खिंच रहा है।

20 दिनों से जारी है अनशन

सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह 20 जुलाई तक हर हाल में अपना आंदोलन जारी रखने का प्रयास करेंगे और लोगों से प्रस्तावित संसद मार्च में समर्थन देने की अपील की है।

कई विपक्षी नेता दे चुके हैं समर्थन

पवन खेड़ा से पहले भी कई विपक्षी नेता जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर चुके हैं। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों की लगातार अनदेखी कर रही है, जबकि सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता

भूख हड़ताल लंबी होने के कारण वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में अदालत ने भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर होती है तो आवश्यक कदम उठाए जाएं।

आंदोलन पर बनी हुई है नजर

सोनम वांगचुक का आंदोलन लगातार राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक दलों की बढ़ती सक्रियता और संसद मार्च की तैयारी के बीच आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ये समाचार भी पढ़ें :