नीरव मोदी की भारत वापसी का रास्ता साफ, यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में आखिरी कानूनी लड़ाई हारा भगोड़ा कारोबारी
नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बड़ा कानूनी झटका लगा है। यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में उसकी अंतिम कानूनी चुनौती खारिज होने के बाद भारत प्रत्यर्पण का रास्ता लगभग साफ हो गया है। ब्रिटेन में प्रत्यर्पण रोकने के सभी कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद नीरव मोदी ने यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का रुख किया था।
यूरोपीय अदालत से नहीं मिली राहत
रिपोर्टों के अनुसार, नीरव मोदी ने अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में अपील की थी। उसने भारत प्रत्यर्पण रोकने की मांग करते हुए मानवाधिकार और जेल की परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे उठाए थे।
यूरोपीय मानवाधिकार अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद नीरव मोदी के पास प्रत्यर्पण रोकने के लिए कोई प्रभावी कानूनी रास्ता नहीं बचा है। अब ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद उसे भारत भेजे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद है नीरव मोदी
नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से वह ब्रिटेन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहे हैं।
ब्रिटेन की अदालत ने फरवरी 2021 में नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी। इसके बाद तत्कालीन ब्रिटिश गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अप्रैल 2021 में प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे।
नीरव मोदी ने प्रत्यर्पण रोकने के लिए ब्रिटेन की विभिन्न अदालतों में कई कानूनी चुनौतियां दीं। हालांकि, उसे राहत नहीं मिली। ब्रिटेन में कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद उसने यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
क्या है PNB घोटाला?
नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी LoU के जरिए विदेशी बैंकों से कर्ज हासिल किया गया था।
इस मामले में नीरव मोदी के अलावा उसके मामा और कारोबारी मेहुल चोकसी सहित कई अन्य लोगों पर भी आरोप लगाए गए हैं।
CBI और ED को भारत वापसी का इंतजार
नीरव मोदी के खिलाफ भारत में CBI ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज किए हैं, जबकि ED मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही है।
भारत सरकार और जांच एजेंसियां लंबे समय से नीरव मोदी को भारत लाने की कोशिश कर रही हैं। यूरोपीय मानवाधिकार अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया में बची प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
कब होगी भारत वापसी?
फिलहाल नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटेन में प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारतीय अधिकारियों को सौंपा जा सकता है।
नीरव मोदी की संभावित भारत वापसी को आर्थिक अपराधियों के खिलाफ भारत सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
