विदेशी पर्यटकों के लिए ‘वीजा ऑन अराइवल’ की सिफारिश, पर्यटन क्षेत्र में बड़े सुधार चाहता है नीति आयोग
नई दिल्ली। भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नीति आयोग ने कई बड़े सुधारों की सिफारिश की है। आयोग ने विदेशी पर्यटकों के लिए चुनिंदा देशों के नागरिकों को “वीजा ऑन अराइवल” (Visa on Arrival) सुविधा देने, पर्यटन कारोबार से जुड़े नियमों को सरल बनाने और होटल उद्योग के लिए लाइसेंस प्रक्रिया आसान करने का प्रस्ताव रखा है। इन सिफारिशों का उद्देश्य भारत को वर्ष 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
नीति आयोग और पर्यटन मंत्रालय की संयुक्त रिपोर्ट “Unlocking Growth in Tourism and Hospitality Sector” में कहा गया है कि भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं होने के बावजूद जटिल नियम, लंबी मंजूरी प्रक्रिया और वीजा संबंधी बाधाएं विदेशी पर्यटकों और निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। रिपोर्ट में इन गैर-वित्तीय बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया गया है।
वीजा ऑन अराइवल की सिफारिश
रिपोर्ट में चुनिंदा देशों के नागरिकों के लिए 90 दिन की अवधि वाला मल्टीपल एंट्री “टूरिस्ट वीजा ऑन अराइवल” शुरू करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही ई-वीजा प्रणाली को अधिक सरल, तेज और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की भी सिफारिश की गई है, ताकि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सके।
होटल और पर्यटन कारोबार को मिलेगी राहत
नीति आयोग ने होटल, होमस्टे, रेस्तरां और पर्यटन कारोबार से जुड़े लाइसेंस और मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाने की सिफारिश की है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में होटल परियोजनाओं को मंजूरी मिलने में तीन से चार वर्ष तक का समय लग जाता है, जबकि कई अन्य देशों में यही प्रक्रिया 12 से 18 महीने में पूरी हो जाती है।
अंतरराज्यीय यात्रा भी होगी आसान
रिपोर्ट में ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की अवधि बढ़ाने, राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले प्रवेश शुल्क और दोहराव वाले परमिट को समाप्त करने तथा पर्यटन वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने का सुझाव भी दिया गया है। इससे सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले पर्यटकों और पर्यटन कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है।
2047 तक बड़ा लक्ष्य
नीति आयोग का अनुमान है कि यदि इन सुधारों को लागू किया जाता है तो भारत वर्ष 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने और लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर की पर्यटन अर्थव्यवस्था विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के पास प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें बेहतर नीतियों और सरल नियमों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है।
अभी नहीं हुआ है अंतिम फैसला
गौरतलब है कि “वीजा ऑन अराइवल” सहित सभी सुझाव फिलहाल नीति आयोग की सिफारिशें हैं। इन्हें लागू करने के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक निर्णय या अधिसूचना जारी नहीं की गई है। अंतिम फैसला सरकार द्वारा संबंधित मंत्रालयों और विभागों से विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।
