बड़ी खबर: प्रतापनगरवासियों की पीड़ा हुयी दूर, सीएम रावत की इच्छाशक्ति को स्थानीय लोगों का सलाम
देहरादून। टिहरी को प्रतापनगर से सीधे जोड़ने वाला 440 मीटर लंबा डोबराचांठी पुल जोकि भारत का सबसे लम्बा मोटरेबल सिंगल लेन झूला पुल बनकर तैयार हो गया है। सीएम रावत पिछले लंबे समय से इस पुल को लेकर लगातार निर्माण एजेंसी और अधिकारियों के संर्पक में थे। जिसका नतीजा है कि 14 साल के लम्बे इंतजार के बाद प्रतापनगर के लोगों के लिए जल्द ही वह शुभ अवसर आने वाला है जिसका उन्हें वर्षों से इंतजार था। टिहरी को प्रतापनगर से सीधे जोड़ने वाला 440 मीटर लंबा डोबराचांठी पुल भारत का सबसे लम्बा मोटरेबल सिंगल लेन झूला पुल बनकर तैयार है।

राज्य सरकार ने प्रतापनगरवासियों की पीड़ा और डोबरा चांठी पुल की अहमियत को समझते हुए इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखा। इसके लिए एकमुश्त बजट जारी किया गया। इसका परिणाम हम सभी के सामने है। टिहरी झील के ऊपर डोबरा चांठी पुल से 3 लाख से ज्यादा की आबादी को जिला मुख्यालय तक आने के लिए 100 किलोमीटर की दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। टिहरी प्रतापनगर निवासी ओमकार सिंह ने बताया कि वह सीएम रावत का आभार व्यक्त करते है। उन्होंने बताया कि प्रतापनगर के लिए यह सौगात देकर सीएम रावत ने एक सपने को पूरा किया है। सिंह ने बताया कि लोगों ने उम्मीद छोड दी थी कि यह पुल कभी बनकर तैयार भी होगा, लेकिन सीएम रावत की इच्छा शक्ति ने यह कर के दिखाया है कि असंभव कार्य को भी समय रहते पूरा किया जा सकता है
डोबरा चांठी पुल 14साल बाद तैयार
टिहरी झील पर14 साल से बन रहे डोबरा चांठी पुल के डैक (सतह) आपस में जोड़ने का काम लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने पूरा कर दिया है। अगले कुछ दिनों में पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। 440 मीटर लंबा डोबरा चांठी पुल भारत का सबसे लम्बा मोटरेवल सिंगल लेन झूला पुल है। आईआईटी समेत कई अन्य संस्थाओं के असफल हो जाने के बाद कोरियन कंपनी से इसकी डिजायनिंग कराई गई। पुल निर्माण पर 275 करोड़ खर्च हो चुके हैं। पुल पर आवाजाही शुरू हो जाने से प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के एक हिस्से के लोगों को फायदा होगा और टिहरी जिला मुख्यालय से दूरी 30 से 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
