राम मंदिर ट्रस्ट को मिला पहला CEO, एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर लगी मुहर, जानिए क्या होगी जिम्मेदारी
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO मिल गया है। ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई है। बुधवार को अयोध्या में हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में CEO के नाम पर फैसला लिया गया। ABP Live के अनुसार, जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना में 38 वर्षों तक सेवा दे चुके हैं।
38 साल वायुसेना में दी सेवा
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर लंबा और अनुभवपूर्ण रहा है। उन्होंने भारतीय वायुसेना में 38 साल सेवा दी। इस दौरान उन्होंने लड़ाकू विमान पायलट, कॉम्बैट इंस्ट्रक्टर और टेस्ट पायलट के तौर पर जिम्मेदारियां संभालीं। उनके प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव को देखते हुए उन्हें राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए चुना गया है।
पहली बार बनाया गया पूर्णकालिक CEO का पद
राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को देखते हुए CEO का पद बनाया था। इसके लिए जुलाई में तीन सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई थी। समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावरे शामिल थे।
5585 आवेदनों के बाद हुआ चयन
CEO पद के लिए 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। सर्च कमेटी ने आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद उम्मीदवारों का ऑनलाइन और व्यक्तिगत स्तर पर मूल्यांकन किया। अंतिम चरण में तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे गए। इसके बाद ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम को मंजूरी दी।
चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद बढ़ी प्रशासनिक जरूरत
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO पद बनाने का फैसला ऐसे समय हुआ, जब मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों ने ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। ट्रस्ट ने दिन-प्रतिदिन के कामकाज की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
CEO के सामने होंगी कई अहम जिम्मेदारियां
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की जिम्मेदारी राम मंदिर परिसर के प्रशासन और संचालन से जुड़े कार्यों की निगरानी करना होगी। CEO के अधिकार और कार्यक्षेत्र को लेकर ट्रस्ट की नियमावली और ट्रस्ट डीड में बदलाव पर भी चर्चा की गई है। वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा समन्वय और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करना इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
ट्रस्ट की बैठक में कई अहम फैसले
CEO की नियुक्ति के अलावा ट्रस्ट की बैठक में तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति, वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट, ट्रस्ट के नियमों में संशोधन और प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सुरक्षा समन्वय और विभिन्न समितियों के प्रस्ताव भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहे।
जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब मंदिर के निर्माण के साथ उसके संचालन और प्रबंधन से जुड़े कामों के लिए एक पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी तय हो गई है।
