कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। दक्षिण कोलकाता के गार्फा इलाके में जादवपुर की सांसद सायोनी घोष के कार्यालय पर ममता बनर्जी गुट के समर्थकों ने ताला लगा दिया। कार्यालय के बाहर ‘गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं’ लिखे पोस्टर और बैनर भी लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय खाली कराया
रिपोर्ट के अनुसार, जब समर्थक कार्यालय पहुंचे, उस समय सायोनी घोष के सचिव वहां मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें कार्यालय खाली करने के लिए कहा। उनके बाहर निकलने के बाद मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया। यह कार्यालय सायोनी घोष स्थानीय लोगों से मुलाकात और संसदीय गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करती थीं।
‘गद्दार’ लिखे पोस्टरों से बढ़ा विवाद
कार्यालय के बाहर लगाए गए पोस्टरों में ‘गद्दारों के लिए कोई जगह नहीं’ जैसे संदेश लिखे गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सायोनी घोष ने पार्टी से अलग राजनीतिक रास्ता अपनाया है और अब दूसरे राजनीतिक गठबंधन के साथ हैं। इसी को लेकर स्थानीय TMC समर्थकों में नाराजगी बताई जा रही है।
TMC के भीतर बढ़ रही है गुटबाजी
सायोनी घोष से जुड़े घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी को और सामने ला दिया है। पार्टी के अलग हुए गुट और ममता बनर्जी के समर्थकों के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। कार्यालय पर तालाबंदी और पोस्टर लगाए जाने की घटना इसी विवाद की ताजा कड़ी मानी जा रही है।
सायोनी घोष का राजनीतिक सफर
सायोनी घोष ने 2021 में तृणमूल कांग्रेस के साथ राजनीति शुरू की थी। उन्हें तृणमूल युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने जादवपुर सीट से जीत दर्ज की।
फिलहाल इस घटनाक्रम पर सायोनी घोष और उनके राजनीतिक गुट की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कार्यालय पर तालाबंदी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में पार्टी के अंदरूनी विवाद को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।