कांग्रेस ने परिसीमन पर साफ किया अपना रुख, 543 सीटों को 25 साल तक फ्रीज रखने की मांग
नई दिल्ली: परिसीमन को लेकर कांग्रेस ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों और तमिलनाडु की 39 सीटों में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की वकालत की है। उन्होंने मौजूदा व्यवस्था को अगले 25 वर्षों तक जारी रखने की मांग की है।
पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि लोकसभा परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु विधानसभा के प्रस्ताव और कांग्रेस कार्य समिति के रुख में समानता है। कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि लोकसभा की कुल 543 सीटों और तमिलनाडु की 39 सीटों की संख्या में बदलाव नहीं होना चाहिए और इस व्यवस्था को अगले 25 साल तक बढ़ाया जाना चाहिए।
दरअसल, परिसीमन का मुद्दा दक्षिणी राज्यों के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। इन राज्यों का तर्क है कि जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों की संसदीय हिस्सेदारी घटनी नहीं चाहिए। दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि भविष्य में केवल जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण होने से संसद में उनकी हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।
चिदंबरम के बयान के बाद परिसीमन पर कांग्रेस की राजनीतिक लाइन साफ हो गई है। पार्टी मौजूदा सीटों की संख्या को बरकरार रखने के पक्ष में है। साथ ही, तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों को भी यथावत रखने की मांग कर रही है।
परिसीमन का मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा विषय बन सकता है। खासकर दक्षिणी राज्यों की संसदीय हिस्सेदारी, जनसंख्या नियंत्रण और राज्यों के बीच राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस तेज होने के संकेत हैं.
