संसद पहुंचे शिक्षा मंत्री का विपक्ष ने किया घेराव, प्रियंका गांधी के नेतृत्व में नारेबाजी; सदन में फिर बढ़ा सियासी टकराव
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शनिवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी (पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कार्यभार संभालने के पश्चात) संसद पहुंचे। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था, NEET-UG पेपर लीक तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रियंका गांधी ने संभाली विरोध की कमान
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
शिक्षा सुधारों पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने कहा कि केवल नई घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और छात्रों का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
संसद में फिर दिखा हंगामा
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले हुए इस प्रदर्शन का असर सदन के भीतर भी दिखाई दिया। विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा कि सरकार शिक्षा सुधारों और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के कारण कार्यवाही के दौरान भी कई बार हंगामे की स्थिति बनी।
शिक्षा सुधारों पर सरकार का रुख
सरकार पहले ही परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया लागू करने की दिशा में कई कदमों की घोषणा कर चुकी है। सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।
जारी रह सकता है राजनीतिक टकराव
NEET-UG पेपर लीक विवाद अब शिक्षा के साथ-साथ बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। संसद के भीतर और बाहर लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों से साफ है कि आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने की संभावना है।
