भारत-न्यूजीलैंड रिश्तों में नया अध्याय, रणनीतिक साझेदारी का ऐलान, व्यापार और रक्षा समेत कई क्षेत्रों में बड़े समझौते

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ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारत और न्यूजीलैंड के संबंधों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है।

दोनों नेताओं की मौजूदगी में व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने समेत कई क्षेत्रों में समझौते और घोषणाएं की गईं।

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर भी सहमति जताई है।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की।

दोनों देशों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा, व्यापार, सुरक्षा, तकनीक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

FTA से व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA को आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने व्यापार समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

FTA के जरिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने, टैरिफ कम करने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने पर जोर दिया गया है।

रक्षा और समुद्री सुरक्षा में बढ़ेगा सहयोग

भारत और न्यूजीलैंड ने रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

दोनों देश सेनाओं के बीच संपर्क, प्रशिक्षण, रक्षा संवाद और समुद्री सुरक्षा से जुड़े मामलों में सहयोग मजबूत करेंगे।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री मार्ग, स्वतंत्र नौवहन और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर भी दोनों देशों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी और क्रिस्टोफर लक्सन ने आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की।

दोनों देशों ने आतंकवादी संगठनों, आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

भारत और न्यूजीलैंड सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और आतंकवाद विरोधी सहयोग मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

पर्यटन और वीजा व्यवस्था पर जोर

दोनों देशों ने पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर सहमति जताई।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच यात्रा को आसान बनाने, पर्यटन को बढ़ावा देने और वीजा प्रक्रिया में सुधार के मुद्दों पर बातचीत हुई।

दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाओं की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

कृषि क्षेत्र में बढ़ेगी साझेदारी

भारत और न्यूजीलैंड ने कृषि क्षेत्र में तकनीकी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

कृषि अनुसंधान, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

कृषि क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

डेयरी सेक्टर में सहयोग पर चर्चा

न्यूजीलैंड दुनिया के प्रमुख डेयरी उत्पादक देशों में शामिल है। दोनों देशों ने डेयरी सेक्टर में तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और उत्पादकता बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

भारत ने अपने किसानों और घरेलू डेयरी उद्योग के हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

शिक्षा और छात्रों के लिए बढ़ेंगे अवसर

भारत और न्यूजीलैंड ने शिक्षा के क्षेत्र में संस्थागत सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

दोनों देशों के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी, छात्रों के आदान-प्रदान और संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।

इससे भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए न्यूजीलैंड में शिक्षा और अनुसंधान के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

2030 तक व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य

भारत और न्यूजीलैंड ने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

दोनों देश निवेश बढ़ाने, कंपनियों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल तैयार करने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।

40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा को ऐतिहासिक माना जा रहा है। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की द्विपक्षीय यात्रा की है।

यात्रा के दौरान हुए समझौतों और रणनीतिक साझेदारी की घोषणा से दोनों देशों के राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

भारत और न्यूजीलैंड ने 2030 तक व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, कृषि, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

अब दोनों देशों के सामने हुए समझौतों और घोषणाओं को जमीन पर लागू करने तथा रणनीतिक साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने की जिम्मेदारी होगी।

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