सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर हाईकोर्ट पहुंचा मामला, 8.5 किलो वजन घटने का दावा, तत्काल इलाज की मांग
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि आमरण अनशन के दौरान उनका वजन 8.5 किलोग्राम तक घट चुका है और यदि जल्द चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं किया गया तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की गई है।
अनशन के कारण बिगड़ी स्वास्थ्य स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। चिकित्सकीय जांच में उनके वजन में करीब 8.5 किलोग्राम की कमी दर्ज होने का दावा किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा है कि यदि उनकी चिकित्सा तुरंत शुरू नहीं की गई तो अगले दो दिनों में उनकी जान को खतरा हो सकता है। हालांकि यह दावा याचिकाकर्ता की ओर से किया गया है और इस पर अदालत का कोई निष्कर्ष नहीं आया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि सोनम वांगचुक को तत्काल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए और डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार सुनिश्चित किया जाए।
याचिकाकर्ता ने अदालत से यह भी मांग की है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें तरल आहार और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि उनकी जान बचाई जा सके।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर उनके समर्थकों और कई सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है।
रिपोर्टों के अनुसार, लंबे अनशन के कारण उनके शरीर में कमजोरी, मांसपेशियों का क्षय और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सामने आई हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन जारी रखने की बात कही है।
कई दिनों से जारी है अनिश्चितकालीन अनशन
सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।
उनके आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों और कुछ राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिल रहा है।
हाईकोर्ट की सुनवाई पर नजर
दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। अदालत इस दौरान सरकार और संबंधित एजेंसियों से जवाब मांग सकती है।
अब सभी की नजर हाईकोर्ट की सुनवाई और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी है। वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए आने वाले दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
