मोदी कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, जानिए 12 वर्षों में कब-कब हुए बड़े फेरबदल और अब क्या हैं संभावनाएं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार अपने शासन के 12 वर्ष पूरे कर चुकी है। इस दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए हैं। साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी समय-समय पर बड़े फेरबदल और विस्तार किए गए। वर्ष 2014 में पहली बार सत्ता संभालने के बाद अब तक मोदी सरकार में चार बड़े कैबिनेट विस्तार और कई छोटे बदलाव हो चुके हैं। अब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में पहले बड़े मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पहले कार्यकाल में हुए तीन बड़े विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। पहले कार्यकाल (2014-2019) में तीन बड़े कैबिनेट विस्तार हुए।
9 नवंबर 2014 को सरकार बनने के लगभग छह महीने बाद पहला विस्तार किया गया। इसमें 21 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। मनोहर पर्रिकर को रक्षा मंत्रालय, सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय और जेपी नड्डा को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
5 जुलाई 2016 को दूसरे विस्तार में 19 नए राज्य मंत्रियों को शामिल किया गया, जबकि प्रकाश जावड़ेकर को पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
3 सितंबर 2017 को लोकसभा चुनाव से पहले हुए तीसरे बड़े फेरबदल में निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान और मुख्तार अब्बास नकवी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
दूसरे कार्यकाल में हुआ सबसे बड़ा फेरबदल
30 मई 2019 को दूसरी बार सरकार बनने के बाद मोदी मंत्रिमंडल में सबसे बड़ा बदलाव 7 जुलाई 2021 को हुआ। इस फेरबदल में कुल 43 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें 36 नए चेहरे शामिल थे। इसी दौरान रविशंकर प्रसाद, डॉ. हर्षवर्धन और प्रकाश जावड़ेकर सहित 12 वरिष्ठ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया।
इसके बाद भी कुछ सीमित बदलाव हुए। वर्ष 2022 में मुख्तार अब्बास नकवी के इस्तीफे के बाद कुछ मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार अन्य मंत्रियों को दिया गया। मई 2023 में किरेन रिजिजू से कानून मंत्रालय लेकर अर्जुन राम मेघवाल को सौंपा गया। दिसंबर 2023 और मार्च 2024 में भी कुछ मंत्रालयों में सीमित फेरबदल किए गए।
तीसरे कार्यकाल में अभी तक नहीं हुआ विस्तार
9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। मोदी 3.0 सरकार के गठन के बाद अब तक मंत्रिमंडल में कोई बड़ा विस्तार या व्यापक फेरबदल नहीं हुआ है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में पहले बड़े विस्तार को लेकर लगातार चर्चाएं जारी हैं।
क्या जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार?
हाल के दिनों में केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
मानसून सत्र के कारण हो सकती है देरी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार संसद के मानसून सत्र से पहले किसी बड़े फेरबदल से बचना चाहती है। संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक प्रस्तावों पर चर्चा होनी है। ऐसे में सत्र से ठीक पहले मंत्रिमंडल में बदलाव होने पर राजनीतिक और संसदीय प्रबंधन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
प्रदर्शन और चुनावी रणनीति पर नजर
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, संभावित फेरबदल में मंत्रियों के प्रदर्शन, योजनाओं के क्रियान्वयन, संगठनात्मक आवश्यकताओं और आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब सहित कई राज्यों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भी कोशिश की जा सकती है।
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि कुछ मंत्रियों को संगठन में नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ नए चेहरों, विशेषकर युवा, महिला, ओबीसी और दलित नेताओं को मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा। जब तक सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की जाती, तब तक मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित नामों को लेकर सामने आ रही सभी जानकारियों को अटकलों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
