बारुईपुर रेप-मर्डर केस: पुलिस मुठभेड़ में आरोपी प्रभाष मंडल की मौत, हथियार छीनकर भागने की कोशिश का दावा
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 11 वर्षीय बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर भागने और पुलिस टीम पर गोली चलाने की कोशिश की थी।
रात 12:45 बजे क्राइम सीन रीक्रिएशन के लिए ले गई थी पुलिस
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रभाष मंडल को मंगलवार रात करीब 12:45 बजे दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर स्थित सूर्यपुर इलाके में घटनास्थल पर ले जाया गया था। पुलिस टीम मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की पुनर्रचना कर रही थी।
इसी दौरान प्रभाष मंडल ने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी का हथियार छीन लिया और हिरासत से भागने की कोशिश की।
पुलिस पर गोली चलाने का आरोप
पुलिस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने हथियार छीनने के बाद पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई। इसके जवाब में पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में फायरिंग की।
गोली लगने से प्रभाष मंडल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
CCTV फुटेज में बच्ची के साथ दिखा था आरोपी
पुलिस का कहना है कि प्रभाष मंडल मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल था। घटना से पहले वह कथित तौर पर CCTV फुटेज में 11 वर्षीय बच्ची के साथ दिखाई दिया था।
पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पूरे मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है।
4 जुलाई को लापता हुई थी बच्ची
परिजनों के अनुसार, 11 वर्षीय बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव सूर्यपुर हाट इलाके में एक बोरी में मिला।
बच्ची का शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
बारुईपुर-जॉयनगर रोड पर प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित किया। इस दौरान टायर जलाने, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
संदेह के आधार पर एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या
बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटे बाद गुस्साई भीड़ ने हत्या में शामिल होने के संदेह में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
पुलिस प्रशासन ने बाद में दावा किया कि भीड़ की हिंसा में मारा गया व्यक्ति मामले में शामिल नहीं था।
तीन आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने रेप-मर्डर मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें आनंद सरदार और प्रभाष मंडल भी शामिल थे।
आनंद सरदार को पुलिस ने 6 जुलाई को दक्षिण 24 परगना के एक बाजार इलाके से तलाशी अभियान के बाद गिरफ्तार किया था।
प्रभाष मंडल को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, बुधवार तड़के क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
करीब 200 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
पुलिस प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने और रेलवे ट्रैक बाधित करने के आरोप में करीब 200 चिन्हित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
मामले की जांच जारी
11 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद पश्चिम बंगाल में आक्रोश का माहौल है। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने POCSO कानून की संबंधित धाराओं और दुष्कर्म के आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
SIT मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों से पूछताछ, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब जांच एजेंसियों के सामने बच्ची की हत्या से जुड़े पूरे घटनाक्रम का खुलासा करने और अन्य आरोपियों की भूमिका तय करने की चुनौती है।
