उत्तराखंड के 25वें स्थापना दिवस पर सरकार ने अन्य राज्यों के वाहनों पर ‘ग्रीन सेस’ लागू करने की घोषणा की
देहरादून: उत्तराखंड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए ‘ग्रीन सेस’ (Green Cess) लागू करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल राज्य को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस ‘ग्रीन सेस’ से होने वाली आय का उपयोग वायु गुणवत्ता सुधारने, हरित अवसंरचना (ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
यह सेस उन वाहनों पर लगाया जाएगा जो अन्य राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करेंगे। हालांकि, इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी चालित वाहनों को इससे छूट दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से प्रति वर्ष करीब ₹100 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा, जिसे वायु गुणवत्ता निगरानी, सड़क धूल नियंत्रण, हरित क्षेत्रों के विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा आधारित नीतियों पर खर्च किया जाएगा।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के सदस्य सचिव पराग माधुकर धाकटे के अनुसार, देहरादून में वायु प्रदूषण का मुख्य स्रोत सड़क धूल और वाहन उत्सर्जन है। ग्रीन सेस से इन कारणों को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के शहरों ने ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2024’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिसमें ऋषिकेश 14वें और देहरादून 19वें स्थान पर रहे हैं। राज्य सरकार का कहना है कि यह पहल इन उपलब्धियों को और मजबूत करेगी तथा उत्तराखंड को “क्लीन एयर – हेल्दी लाइफ” (स्वच्छ वायु – स्वस्थ जीवन) का पर्याय बनाएगी।
