TMC में बगावत के बीच ममता बनर्जी का BJP पर तीखा हमला, बोलीं, ‘मुझे चुप कराना है तो मुझे मारना होगा’
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उथल-पुथल और तृणमूल कांग्रेस में कथित बगावत के बीच ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी कर भारतीय जनता पार्टी और पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के जरिए उन्हें डराने और तृणमूल कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह किसी दबाव के आगे नहीं झुकेंगी और बंगाल की जनता के लिए अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी।
‘मुझे चुप कराने के लिए मुझे मारना होगा’
वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर कोई उन्हें चुप कराना या तृणमूल कांग्रेस को खत्म करना चाहता है, तो उसे उन्हें मारना होगा।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें डराने और उनकी आवाज दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब तक वह जीवित हैं, बंगाल की जनता के हितों के लिए लड़ती रहेंगी।
संघर्ष के दिनों को किया याद
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के 34 साल के शासन के खिलाफ अपने राजनीतिक संघर्ष का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक सड़कों पर संघर्ष किया और अब दिल्ली की सत्ता के दबाव से डरने वाली नहीं हैं।
अभिषेक बनर्जी और महुआ मोइत्रा का किया जिक्र
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को लगातार निशाना बनाया गया है।
उन्होंने अभिषेक बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें परेशान किया गया।
ममता ने अपने आवास पर हमले और पार्टी के कई नेताओं के जेल में होने का भी उल्लेख किया।
बागी नेताओं को बताया ‘गद्दार’
तृणमूल कांग्रेस के भीतर कथित बगावत पर ममता बनर्जी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पार्टी छोड़ने या बागी रुख अपनाने वाले नेताओं को ‘गद्दार’ बताते हुए भाजपा में शामिल होकर सीधे चुनावी मुकाबला करने की चुनौती दी।
ममता ने सवाल किया कि जो नेता लंबे समय तक पार्टी में मंत्री, सांसद और विधायक रहे, उन्होंने पहले अपनी आपत्तियां क्यों नहीं उठाईं।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता ऐसे नेताओं को चुनाव में जवाब देगी।
पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी दिया जवाब
रिपोर्ट के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कथित बागी गुट द्वारा चुनाव आयोग में पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किए जाने की चर्चा के बीच ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें चुनाव चिन्ह खोने का डर नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि पार्टी का चुनाव चिन्ह उनसे छीन लिया जाता है, तब भी वह जनता के बीच जाकर अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी।
खुद संभालेंगी बंगाल TMC की कमान
ममता बनर्जी ने घोषणा की कि वह खुद पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगी।
उन्होंने 21 जुलाई को होने वाली शहीद दिवस रैली को लेकर भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम तय योजना के अनुसार आयोजित किया जाएगा।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की खबरों के कारण पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमाई हुई है।
ममता के वीडियो संदेश से साफ है कि वह पार्टी के भीतर बागी नेताओं और भाजपा के खिलाफ आक्रामक राजनीतिक रणनीति अपनाने की तैयारी में हैं।
आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के संगठनात्मक फैसलों, बागी नेताओं की रणनीति और भाजपा के अगले कदम पर पश्चिम बंगाल की राजनीति की नजर बनी रहेगी।
