धान की फसल में शीथ ब्लाइट का प्रकोप, किसान दवा छिड़काव में जुटे
जीरा: बाढ़ और लगातार बारिश के बाद अब धान की फसल पर हल्दी रोग (शीथ ब्लाइट) का गंभीर हमला देखने को मिल रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई खेतों में धान के तने और पत्तियों पर पीले धब्बे और सड़न के लक्षण स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। किसान रोग के फैलाव को रोकने के लिए ट्राईसाइक्लाजोल या मैनकोजेब जैसी दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञ गुरसाहिब सिंह संधू ने बताया कि यह रोग नमी वाले मौसम और पानी रुके रहने से फैलता है। उन्होंने सलाह दी कि किसानों को खेतों से पानी की निकासी सुनिश्चित करनी चाहिए और जिन खेतों में रोग अधिक फैल चुका हो, वहां 6-7 दिन के अंतराल पर दूसरा स्प्रे करना चाहिए। साथ ही, अधिक खाद डालने से बचें और कृषि विभाग से संपर्क में रहें।
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सही दवा छिड़काव और खेतों की देखभाल से धान की फसल को बचाया जा सकता है और नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
