Haryana Assembly Election 2024: उम्मीदवारों की घोषणा में भाजपा और कांग्रेस सतर्क, टिकट वितरण बना गले की फांस

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जातीय समीकरण, गुटबाजी और दल-बदल के खतरे से बचने की रणनीति पर काम कर रही पार्टियां

हरियाणा : विधानसभा चुनाव 2024 के लिए राजनीतिक दलों में टिकट वितरण को लेकर हलचल तेज है, लेकिन भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों की सूची जारी करने में फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं। दल-बदल और भीतरघात के संभावित खतरे से बचने के लिए दोनों पार्टियां प्रतिद्वंद्वी पार्टी की सूची जारी होने का इंतजार कर रही हैं।

भाजपा और कांग्रेस की रणनीति पर एक नजर

  1. भाजपा की सतर्कता:
    • लोकसभा चुनाव में पहले टिकट घोषित करने का कड़वा अनुभव
    • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच जजपा नेताओं को टिकट देने पर असहमति।
    • अब तक 60 उम्मीदवारों के नाम तय, लेकिन घोषणा रोक दी गई।
  2. कांग्रेस की चाल:
    • जातीय समीकरण साधते हुए टिकटों का वितरण।
    • पार्टी के भीतर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी सैलजा के समर्थकों में बढ़ती गुटबाजी।
    • अब तक 55 उम्मीदवारों की सूची तैयार।

उम्मीदवारों की सूची जारी करने में देरी क्यों?

  • दल-बदल का डर: दूसरी पार्टी की सूची जारी होने के बाद वंचित नेताओं को अपनी तरफ लाने की रणनीति।
  • गुटबाजी का खतरा: टिकट बंटवारे में असंतोष से पार्टी को नुकसान का डर।
  • जातीय समीकरण: हर सीट पर जातिगत संतुलन साधने की कोशिश।

भाजपा और कांग्रेस में टिकट के लिए भारी प्रतिस्पर्धा

  • भाजपा: 2443 नेताओं ने टिकट के लिए आवेदन।
  • कांग्रेस: 2556 नेताओं ने टिकट के लिए दावा पेश किया।

चुनाव आयोग की समय-सीमा:

  • नामांकन दाखिल: 5 से 12 सितंबर।
  • नाम वापसी की अंतिम तारीख: 16 सितंबर।
  • मतदान: 5 अक्टूबर।

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