सरकार ने Telegram को बताया ‘नया डार्क वेब’, कोर्ट में रखे बड़े दावे
नई दिल्ली।लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम एक बार फिर भारत सरकार के निशाने पर है। दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने दावा किया कि टेलीग्राम का इस्तेमाल केवल परीक्षा पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्लेटफॉर्म आतंकवादी गतिविधियों, संगठित अपराध और अन्य अवैध नेटवर्क के लिए भी सुविधाजनक माध्यम बनता जा रहा है।
सरकार ने अदालत में टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध का बचाव करते हुए कहा कि ऐप की गोपनीयता, एन्क्रिप्शन और पहचान छिपाने वाली सुविधाओं का दुरुपयोग अपराधी तत्व कर रहे हैं। केंद्र ने इसे “नया डार्क वेब” तक बताया और कहा कि कई आपराधिक गतिविधियों की जांच में टेलीग्राम बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।
NEET पेपर लीक के बाद बढ़ी सख्ती
सरकार की कार्रवाई का मुख्य कारण NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़ा कथित पेपर लीक और नकल रैकेट बताया जा रहा है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह टेलीग्राम चैनलों और ग्रुप्स के जरिए अभ्यर्थियों को गुमराह कर रहे थे तथा लीक प्रश्नपत्र बेचने का दावा कर रहे थे। इसी के बाद केंद्र सरकार ने प्लेटफॉर्म पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया।
22 जून तक लगाया गया है अस्थायी प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी रोक लगाई है। कुछ विशेष फीचर्स पर प्रतिबंध 30 जून तक जारी रह सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
टेलीग्राम ने फैसले को दी चुनौती
टेलीग्राम ने इस प्रतिबंध को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कंपनी का कहना है कि उसने आपत्तिजनक कंटेंट और संदिग्ध चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की है। टेलीग्राम के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने भी प्रतिबंध की आलोचना करते हुए कहा कि इससे करोड़ों सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं, जबकि गलत गतिविधियों में शामिल लोग दूसरे प्लेटफॉर्म पर चले गए हैं।
कोर्ट ने मांगा सबूत
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने के पीछे क्या ठोस आधार हैं। अदालत ने केंद्र, गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों से विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। आने वाली सुनवाई में सरकार अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकती है।
देश में 15 करोड़ से अधिक यूजर्स
भारत टेलीग्राम का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। रिपोर्टों के अनुसार देश में 15 करोड़ से अधिक लोग इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। ऐसे में इस मामले पर आने वाला अदालत का फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के नियमन और ऑनलाइन गोपनीयता को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
