राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होते ही जॉर्ज कुरियन ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया मंजूर
नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ था।
दरअसल, भारतीय जनता पार्टी ने 18 जून को हुए राज्यसभा चुनावों में जॉर्ज कुरियन को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया था। उनका राज्यसभा कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। इसी कारण उन्होंने मंत्रिपद से भी इस्तीफा दे दिया।
जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। उन्हें उस सीट के शेष कार्यकाल के लिए उच्च सदन भेजा गया था, जो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। सिंधिया वर्तमान में केंद्र सरकार में संचार मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
राजनीतिक हलकों में जॉर्ज कुरियन को भाजपा के प्रमुख ईसाई चेहरों में गिना जाता है। माना जाता है कि वर्तमान केंद्र सरकार में वह ईसाई समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख मंत्रियों में शामिल थे। उनके इस्तीफे के बाद अब सरकार में ईसाई समुदाय के प्रतिनिधित्व को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2022 में तत्कालीन केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा भी उसी परंपरा के तहत देखा जा रहा है, जहां राज्यसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद मंत्री पद छोड़ दिया जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार में संभावित फेरबदल और नए नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हो सकती हैं।
