धौलाना की जनता मूलभूत सुविधाओं को तरस रही, सरकार सिर्फ दावे कर रही है: दिग्विजय शिशौदिया
- समाजवादी पार्टी के युवा नेता ने गांव-गांव पहुंचकर सुनीं जनसमस्याएं, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और किसानों के मुद्दों पर सरकार को घेरा
धौलाना, समाजवादी पार्टी के युवा नेता दिग्विजय शिशोदिया ने धौलाना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर आम जनता से सीधा संवाद किया। जनसंपर्क अभियान के दौरान उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना तथा क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
परिवहन व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि धौलाना विधानसभा क्षेत्र आज भी बेहतर परिवहन सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद-धौलाना-गुलावठी मार्ग तथा दादरी-धौलाना-पिलखुवा मार्ग पर प्रतिदिन हजारों लोग यात्रा करते हैं, लेकिन नियमित सरकारी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। इसका सबसे अधिक खामियाजा छात्रों, कर्मचारियों, महिलाओं और मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग निजी वाहनों और महंगे साधनों पर निर्भर होने के लिए मजबूर हैं, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर चिंता
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि धौलाना क्षेत्र के सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र डॉक्टरों की भारी कमी से जूझ रहे हैं। कई अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को इलाज के लिए गाजियाबाद, पिलखुवा और दिल्ली का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के दावे करती है, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी उसकी पोल खोल रही है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि क्षेत्र के अनेक सरकारी विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। कई स्कूलों में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा। शिक्षा व्यवस्था की यह स्थिति सरकार के दावों और वास्तविकता के बीच के अंतर को स्पष्ट करती है।
महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं बनीं प्रमुख मुद्दे
दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि धौलाना विधानसभा में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिजली कटौती, जर्जर सड़कें, किसानों को फसलों का उचित मूल्य न मिलना, आवारा पशुओं की समस्या और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की कमी लोगों की सबसे बड़ी चिंताएं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूलभूत मुद्दों से ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है, जबकि गांवों में रहने वाले लोग रोजमर्रा की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
जनता की आवाज को सड़क से सदन तक पहुंचाने का संकल्प
दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि धौलाना विधानसभा के गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में विकास के दावे केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी गांव, किसान, मजदूर, युवा और गरीब वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य करेगी। यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन चलाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
ग्रामीणों ने रखीं अपनी समस्याएं
दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं दिग्विजय शिशोदिया के समक्ष रखीं। लोगों ने क्षेत्र में परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार संबंधी सुविधाओं को मजबूत करने की मांग की। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा।
दिग्विजय शिशोदिया ने कहा कि उनका जनसंपर्क अभियान आगे भी जारी रहेगा और धौलाना विधानसभा के प्रत्येक गांव तक पहुंचकर जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
