अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी कफ सिरप, केंद्र सरकार ने बदले दवा बिक्री के नियम

0
etawah-cough-syrup-gang-busted-241725287-16x9

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कफ सिरप और अन्य सिरप आधारित दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि अब कफ सिरप समेत सभी सिरप आधारित दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बेची जा सकेंगी। नए नियम लागू होने के बाद ऐसी दवाएं खरीदने के लिए मरीजों को डॉक्टर की पर्ची दिखानी होगी।

यह फैसला ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में किए गए संशोधन के बाद लिया गया है। सरकार ने ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) नियम, 2026’ के तहत सिरप आधारित दवाओं को उन दवाओं की सूची से बाहर कर दिया है, जिन्हें बिना प्रिस्क्रिप्शन बेचे जाने की छूट प्राप्त थी। इस संशोधन को 9 जून 2026 को सरकारी गजट में अधिसूचित किया गया था।

क्या है नए नियम में?

स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, ‘शेड्यूल-के’ में शामिल छूट प्राप्त दवाओं की सूची से सिरप आधारित दवाओं को हटा दिया गया है। इसके साथ ही खांसी के सिरप और अन्य मौखिक तरल दवाओं की ओवर-द-काउंटर (OTC) बिक्री पर रोक लग गई है।

सरकार ने कहा है कि दवाओं की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं और विशेषज्ञों की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है। अधिसूचना में बताया गया है कि ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) से परामर्श और प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद नियमों में यह बदलाव किया गया।

दूषित कफ सिरप विवाद के बाद बढ़ी सख्ती

पिछले वर्ष मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और राजस्थान में बच्चों की मौत के मामलों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जांच में सामने आया था कि बच्चों को दिए गए कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा 48 प्रतिशत से अधिक थी, जबकि इसकी स्वीकार्य सीमा केवल 0.1 प्रतिशत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक मात्रा में डायथिलीन ग्लाइकॉल किडनी फेलियर और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। जांच रिपोर्ट के बाद कई राज्यों ने संबंधित कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था।

कंपनी का लाइसेंस रद्द, फैक्ट्री बंद

जांच में तमिलनाडु की श्रीसन फार्मास्युटिकल्स कंपनी द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप को संदिग्ध पाया गया था। इसके बाद सरकार ने कंपनी का विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिया और उत्पादन इकाई को बंद करने का आदेश भी जारी किया।

कफ सिरप तस्करी पर भी कार्रवाई

दूषित कफ सिरप मामले के बाद कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध तस्करी के कई मामले भी सामने आए। नवंबर में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में फूड एंड ड्रग विभाग ने कफ सिरप तस्करी के आरोप में 12 फार्मास्युटिकल फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे पहले 26 अन्य फर्मों पर भी कार्रवाई की जा चुकी थी।

सरकार का मानना है कि नए नियमों से सिरप आधारित दवाओं की बिक्री पर निगरानी बढ़ेगी और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *