TMC विवाद पर ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से की जल्द फैसले की मांग, बागी गुट को और समय देने का किया विरोध

0
mamata-banerjee

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) से पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहे विवाद का जल्द निपटारा करने की मांग की है। उन्होंने आयोग को पत्र लिखकर आग्रह किया कि बागी गुट को जवाब दाखिल करने के लिए अब और समय न दिया जाए, क्योंकि उसे पहले ही कई अवसर दिए जा चुके हैं।

बागी गुट को समय बढ़ाने का किया विरोध

ममता बनर्जी ने अपने पत्र में कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट, जिसका नेतृत्व रितब्रत बनर्जी कर रहे हैं, को पहले 6 जुलाई की समय सीमा दी गई थी। इसके बाद आयोग ने उनकी मांग पर समय बढ़ाकर 10 जुलाई और फिर 25 जुलाई तक कर दिया। ममता ने कहा कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी उनके गुट को प्रतिद्वंद्वी पक्ष के जवाब की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है।

जल्द फैसला लेने की अपील

टीएमसी प्रमुख ने चुनाव आयोग से कहा कि यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए आयोग को बिना किसी अतिरिक्त मोहलत के जांच पूरी कर जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बार बार समय बढ़ाने से प्रतिद्वंद्वी गुट को अपना पक्ष मजबूत करने के लिए नए साक्ष्य तैयार करने का अवसर मिल रहा है।

पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर विवाद

चुनाव आयोग के समक्ष दोनों गुट खुद को “वास्तविक तृणमूल कांग्रेस” बताते हुए पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठन पर दावा कर रहे हैं। आयोग दोनों पक्षों से दस्तावेज और जवाब मांगने के बाद मामले की सुनवाई कर रहा है। इस विवाद का फैसला पार्टी की आधिकारिक पहचान और संगठनात्मक नियंत्रण तय करेगा।

राजनीतिक रूप से अहम मामला

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव आयोग का फैसला पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। यदि किसी एक गुट को आधिकारिक मान्यता मिलती है तो उसे पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और संगठनात्मक ढांचे पर अधिकार प्राप्त होगा।

आयोग के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल चुनाव आयोग ने मामले में अंतिम निर्णय नहीं दिया है। दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद आयोग अपना फैसला सुनाएगा। इस मामले पर पश्चिम बंगाल की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर सभी की नजर बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ये समाचार भी पढ़ें :